
हरिकांत शर्मा/आगरा. उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन द्वारा आगरा फोर्ट से ताजमहल मेट्रो स्टेशन के बीच टनल का निर्माण शुरू कर दिया गया है. 77 दिन के रिकॉर्ड टाइम में पहला ब्रेकथ्रू करने के बाद टीबीएम यमुना ने ताजमहल मेट्रो स्टेशन की दिशा में टनल का निर्माण आरंभ किया है. फिलहाल, टीबीएम युमना द्वारा प्राथमिक ड्राइव में अस्थाई रिंग लगाई जा रही है.
बता दें कि देश में आगरा मेट्रो रेल परियोजना पहली ऐसी परियोजना है जहां टीबीएम लॉन्च के बाद महज 77 दिन के रिकॉर्ड टाइम में पहला ब्रेकथ्रू किया गया है . टीबीएम ‘यमुना’ को फरवरी में उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा लॉन्च किया गया था. इसके बाद टीबीएम यमुना ने 77 दिन में पहला ब्रेक थ्रू करते हुए कीर्तिमान स्थापित किया. इसके बाद टीबीएम यमुना अब आगरा फोर्ट से ताजमहल मेट्रो स्टेशन की दिशा में टनल का निर्माण कर रही है.
कटिंग के दौरान होता है विशेष केमिकल का छिड़काव
टनल बोरिंग मशीन विभिन्न हिस्सों में विभाजित होती है. टीबीएम के सबसे अग्रिम भाग फ्रंट शील्ड में कटिंग हेड होता है, जिसकी मदद टीबीएम मिट्टी को काटते हुए सुरंग की खुदाई करती है. कटिंग हेड में एक विशेष किस्म के केमिकल के छिड़काव की भी व्यावस्था होती है, जो कि कटिंग हेड पर लगे नोजल के द्वारा मिट्टी पर छिड़का जाता है. इस केमिकल की वजह से मिट्टी कटर हेड पर नहीं चिपकती और आसानी से मशीन में लगी कनवेयर बेल्ट की मदद से मशीन के पिछले हिस्से में चली जाती है, जहां से ट्रॉली के जरिए मिट्टी को टनल से बाहर लाकर डम्पिंग एरिया में भेज दिया जाता है.इसके साथ ही मशीन के पिछले हिस्से में प्रीकास्ट रिंग सेगमेंट को लॉन्च करने की व्यवस्था भी होती है. टनल निर्माण के दौरान रिंग सेगमेंट लगाने के बाद टीबीएम द्वारा ही रिंग सेगमेंट एवं मिट्टी के बीच में ग्राउटिंग स़ोल्यूशन भर दिया जाता है, जो कि रिंग सेगमेंट्स और मिट्टी के बीट मजबूत जोड़ स्थापित कर टनल को मजबूती प्रदान करता है. टीबीएम के मिड शील्ड में लगे थ्रस्टर्स मशीन को आगे बढ़ने में मदद करते हैं.
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ताज ईस्ट गेट से सिकंदरा के बीच कॉरिडोर पर चल रहा है काम
गौरतलब है कि ताजनगरी में 29.4 किमी लंबे दो कॉरिडोर का मेट्रो नेटवर्क बनना है, जिसमें 27 स्टेशन होंगे. ताज ईस्ट गेट से सिकंदरा के बीच 14 किमी लंबे पहले कॉरिडोर का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है. इस कॉरिडोर में 13 स्टेशनों का निर्माण होगा. जिसमें 6 एलीवेटिड जबकि 7 भूमिगत स्टेशन होंगे. इस कॉरिडोर के लिए पीएसी परिसर में डिपो का निर्माण किया जा रहा है. इसके साथ ही आगरा कैंट से कालिंदी विहार के बीच लगभग 16 कि.मी. लंबे दूसरे कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा. जिसमें 14 ऐलीवेटेड स्टेशन होंगे. इस कॉरिडोर के लिए कालिंदी विहार क्षेत्र में डिपो का निर्माण किया जाएगा.
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FIRST PUBLISHED : May 21, 2023, 21:16 IST








