
सपने हम सभी को आते हैं. इनमें से अधिकांश का कोई सिरपैर नहीं होता है लेकिन हर कोई जानना चाहता है कि वह अपने देखे गए सपनों का अर्थ जाने समझ सके. कई बार हमारे द्वारा देखे गए सपने हमें ही हैरान करते हैं. तो कई सपने ही ऐसे होते हैं जिनका मतलब जानने के लिए हम बेचैन हो जाते हैं. लेकिन क्या वास्तव में सपनों का मतलब होता है या केवल कुछ ही सपनों काअर्थ होता है. और जब सपने में हम किसी अपने परिवार, प्रेमी या प्रेमिका, या फिर किसी व्यक्ति को देखते हैं और बार बार देखते हैं तो क्या उसका कोई खास अर्थ होता है. वैसे तो धर्म और कई तरह के शास्त्र सपने की व्याख्या करते हैं, पर इस बारे में विज्ञान का कहना है यह जानना भी कम रोचक नहीं है.
सभी देखते हैं सपना
विज्ञान या मनोविज्ञान की माने तो सपनों के अर्थ तो होते हैं, लेकिन उनके अर्थ जानने से पहले यह समझना जरूरी होगा कि सपने होते क्या हैं. द ओरेकल ऑफ नाइट: द हिस्ट्री ऑफ साइंस ऑफ ड्रीम्स के लेखक और न्यूरोसाइंटिस्ट सिद्धार्थ रिबेइरो कहते हैं कि हर कोई सपना देखता है भले ही उसे याद रहे या ना रहे.
रैपिड आई मूवमेंट की नींद
रिबेइरो का कहना है कि लोगो को सपने नींद की रैपिड आई मूवमेंट यानी रेम स्लीप के दौर में आते हैं यह अवस्था रात के दूसरे हिस्से में आती है. इस दौरान बहुत ज्यादा सपने देखने को मिलते हैं. सपने अचेतन और चेतन मन के बीच सेतु की तरह काम करते हैं. उनके शोध के मुताबिक डेढ़ घंटे की नींद में करीब 5 सपने आते हैं. सपनों पर हमारे अचेतन मन में बैठी इच्छाओ और डर का असर पड़ता है.
यादों की शृखंलाएं
सपनों का तानाबाना हमारे यादों की शृंखलाओं की विद्युत सक्रियता पर आधारित होता है जो रेम नींद की दौरान जुड़ती हैं और मिल कर सपनों का संयोजन बनाती हैं. यह सब प्री फ्रंटल कोर्टेक्स में होता है. ऐसी स्थिति में अचेतन मन से कुछ छनने की संभावना कम ही या नहीं के बराबर ही रहती है. इन बातों को ध्यान में रखे तो इसकी संभवना कम ही होती है कि सपने यू हीं आते होंगे.
आसान काम नहीं ये
लेकिन इन सपनों का अर्थ निकलना आसान काम नहीं है. हर व्यक्ति के लिए यह एक अलग ही प्रक्रिया होगी. मनोचिकित्सक रेचल राइट कहती हैं कि सपनों की व्याख्या आसान काम नहीं हैं और इससे कई सवाल एक साथ जुड़े जाते हैं. इसी तरह यह बताना भी बहुत मुश्किल है कि कोई एक व्यक्ति किसी विशेष सपने में क्यों आया था. लेकिन कई मनोवैज्ञानिक यह मानते हैं कि इसका एक अर्थ यही है के हम उस व्यक्ति के साथ हाल ही में कुछ समय के लिए रहे थे.
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Tags: Brain, Health, Research, Science
FIRST PUBLISHED : May 20, 2023, 15:46 IST








