
शाश्वत सिंह/ झांसी. भारत में एक बार फिर नोटबंदी का ऐलान किया गया है. इस फैसले को काले धन पर अंतिम प्रहार के रूप में देखा जा रहा है. आरबीआई ने 19 मई को जारी एक आदेश में 2000 रुपये के नोटों की चलन को रोकने का फैसला किया है. इस फैसले के तहत 23 मई से 30 सितंबर तक 2000 रुपये के नोट बैंक में जमा या बदले जा सकते हैं. फैसला आने के साथ ही कई तरह के सवाल भी लोगों के मन में उठने लगे हैं. इनमें से कई सवालों के जवाब जानने के लिए न्यूज 18 ने बात की इकोनॉमी एक्सपर्ट अतुल गोयल से.
अतुल गोयल ने कहा कि आरबीआई का यह फैसला काले धन पर रोक लगाने में अहम भूमिका निभाएगा. सरकार ने पहली नोटबंदी के समय ही यह साफ कर दिया था कि 2000 के नोट सिर्फ करंसी की कमी को पूरा करने के लिया किया गया था. आम आदमी को इससे परेशान होने की जरूरत नहीं है. लोग बैंक से एक बार में 20 हजार रुपएये या 2000 के 10 नोटों को बदल सकते हैं. नोट बदली आप किसी भी बैंक की शाखा से करवा सकते हैं. इसके लिए आपको उस बैंक का ग्राहक होना जरूरी नहीं है.
अगर बैंक नोट लेने से मना करें तो यहां करें शिकायत
अतुल गोयल ने बताया कि अगर कोई बैंक नोट को बदलने या जमा करने से मना करता है तो सबसे पहले संबंधित बैंक के पास शिकायत दर्ज कराएं. 30 दिनों के भीतर अगर बैंक जवाब नहीं देता है तो शिकायतकर्ता आरबीआई की एकीकृत लोकपाल योजना के तहत आरबीआई के पोर्टल cms.rbi.org.in par शिकायत दर्ज करा सकते हैं. अतुल गोयल ने कहा कि नोट अभी बंद नहीं हुए हैं बस बैंक अब नए 2000 के नोट नहीं देंगे इसलिए आम आदमी निश्चिंत होकर बैंक में पैसा जमा करा सकते हैं.
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FIRST PUBLISHED : May 20, 2023, 12:40 IST








