
अभी तक ऐसा लगता था कि अंतरिक्ष अनुसंधान में निजी क्षेत्र में एलन मस्क ही बादशाह हैं. अभी भले ही ये सच हो, लेकिन भविष्य में ऐसा नहीं होगा. नासा ने तय कर लिया है कि अब अंतरिक्ष क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा होगी. यह बात उसके नए करार से साफ होती दिख रही है. उसने इस बार चंद्रमा पर अंतरिक्ष यात्रियों को पहुंचाने के लिए ब्लू ओरिजिन के साथ नया करार किया है. ब्लू ओरिजिन एक लूनार लैंडर का विकास करेगी जिससे नासा के यात्री चंद्रमा पर जाएंगे. यह उड़ान नासा के पहले आर्टिमिस अभियान के तीसरे चरण के बाद इसी दशक में भरी जाएगी. ब्लू ओरिजिन की उड़ान भी आर्टिमिस अभियान के तहत भरी जाएगी.
एक प्रतिस्पर्धा की उमीद
जानकारों का साफ मानना है कि इससे निजी क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा की नई शुरुआत होगी. गौर करने वाली बात यह है कि ब्लू ओरिजिन के मालिक जेफ बेजोस, और स्पेसएक्स कंपनी के मालिक एलन मस्क पहले से ही अंतरिक्ष के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धी माने जाते है. अभी तक स्पेस एक्स को नासा के करार मिलते जा रहे थे ,लेकिन ब्लू ओरिजिन को भी अवसर मिलने लगे हैं.
सात अरब डॉलर का निवेश
ब्लू ओरिजिन का यह प्रोजेक्ट 7 अरब डॉलर की लागत का होगा. नासा का करार करीब 3.4 अरब डॉलर का है. वहीं कंपनी के वाइस प्रेसिडेंट जॉन कॉलूरिस का कहना है कि कंपनी कराकर की नेटवर्थ में योगदान देगी. वहीं नासा प्रशासक बिल नेलसन का इस मौके पर कहना है कि वे मंगल पर इंसान को पहुंचाने के लिए बुनियादी ढांचे में अतिरिक्त निवेश करने जा रहे हैं.
बेजोस ने जताई खुशी
नेल्सन ने कहा कि नासा की साझी महत्वाकांक्षाएं अब उनके सपनों से कम नहीं हैं जो अमरिका के पूर्व राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी के चंद्रमा पर जाने के लिए देखे थे. वहीं जेफ बेजोस ने भी ट्वीट कर नासा के साथ नए सफर के लिए आभार व्यक्त करते सम्मित महसूस किया है. लेइडोस के डायनेटिक्स कीअगुआई में ब्लू ओरिजिन की टीम में लॉक्हीड मार्टिन, बोइंग,एस्ट्रोबोटिक, आदि शामिल हैं.
एक दूसरा अवसर है
नासा का सस्टेनिंग लूना डेवेलपमेंट या एसएसडी प्रोग्राम दूसरा मौका है. वहीं एलन मस्क की स्पेस एक्स के 2021 में पहले क्रू लैंडर करार में जीत के बाद प्रतिस्पर्धा का यह दूसरा अवसर था. उस कार्यक्रम को ह्यूमन लैंडिंग सिस्टम कहा जाता है. इसमें स्पेस एक्स को आर्टिमिस अभियान के लिए अपने स्टारशिप रॉकेट का एक वेरिएंट बनाना था. पहले नासा का इरादा दो कंपनियों को इसमें शामिल करने का था, लेकिन बजट के कारण उसने स्पेस एक्स को ही चुना.
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Tags: Moon, Nasa, Research, Science, Space
FIRST PUBLISHED : May 20, 2023, 10:17 IST








