जोधपुर का यह परिवार 5 पीढ़ियों से बचा रहा है डूबते लोगों की जान, अब तक 162 लोगों की बचा चुका है जान

Share Now:

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

पुनीत माथुर/ जोधपुर. एक ऐसा व्यक्ति जिसे देव दूत कहा जाए तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी. यह व्यक्ति 5 पीढ़ी से समाज की सेवा कर रहे हैं और डूबते लोगों की जान बचा रहे हैं. जान बचाने के अलावा पुलिस ,सेना और एनएसजी कमांडो तक को ट्रेनिंग देकर डूबते व्यक्ति की किस तरीके से जान बचाई जाए उन्हें प्रशिक्षित कर रहे है. 73 वर्षीय बुजुर्ग अब भी फोन आते ही मानो बिजली की गति से अपने मिशन पर लग जाते हैं. चलिए आपको मिलवाते हैं इस व्यक्ति से कि आखिर किस तरीके से ये लोगों की जान बचाते हैं और किस तरीके से समाज सेवा करते हैं.

यह है 73 वर्षीय दाऊ लाल मालवीय दाऊ की ढाणी प्रताप नगर इलाके में रहते हैं और लोगों को तैराकी का प्रशिक्षण दे रहे हैं. दाऊ लाल मालवीय बताते हैं कि वे पांच पीढ़ी से लोगों को तैराकी का प्रशिक्षण तो देते ही हैं साथ ही डूबते लोगों की जान भी बचा रहे हैं. अब तक उन्होंने और उनके परिवार के लोगों ने 162 लोगों को डूबने से बचाया है. वही 2000 लोगों के शव भी पानी से बाहर निकाले है. कई बार ऐसे शव भी होते है जो कई दिनों तक पानी में नहीं मिलते तो आखिरकार राजस्थान में कहीं भी हो इन्हें ही बुलाया जाता है. राजस्थान ही नहीं राजस्थान के बाहर भी अगर कोई विकट स्थिति हो तो दाऊ लाल मालवीय की सलाह ली जाती है कि इस परिस्थिति से कैसे बचा जाए.

दरअसल दाऊलाल मालवीय और उनकी पांच पीढ़िया तैराकी में विशेष हुनर रखते हैं. वे कहते हैं कि वे जो भी काम करते हैं निःशुल्क काम करते हैं. क्योंकि अगर उन्होंने किसी से पैसा ले लिया तो भगवान का दिया यह हुनर उनमें कम हो जाएगा. इसलिए वह कभी किसी से पैसा नहीं लेते चाहे कितना भी सड़ा गला शव हो उसे कुएं और तालाबों से निकालते हैं. एक बार पैरा कमांडो का शव जोधपुर के कायलाना झील में नहीं मिल रहा था तो आखिरकार मालवीय बंधु ने सेना के साथ कदम से कदम मिलाकर कमांडो का शव बाहर निकलवाया. ऐसे दर्जनों उदाहरण है जब पुलिस और सेना की मदद वे करते हैं. दाऊ लाल मालवीय के साथ फिलहाल 13 लोगों की टीम है जिसमें कुछ तो उनके परिवार के सदस्य है और कुछ उनके पास प्रशिक्षित विशेष तैराक भी है.

दाऊलाल मालवीय बताते हैं कि जब भी प्रशासन से उनके पास फोन आता है तो उनकी टीम तुरंत मौके पर पहुंचती है और डूबने वाले को बाहर निकालती है. दाऊलाल मालवीय ने एक विशेष कोर्स भी तैयार किया है. जिसे पुलिस ट्रेनिंग स्कूलों में पढ़ाया भी जाता है. अब तक उन्होंने 8000 से 9000 पुलिस के जवानों को ट्रेनिंग दी है तो वहीं 4000 सेना के जवानों को भी तैराकी में विशेष प्रशिक्षण दिया है. उनके पास एनएसजी कमांडो तक प्रशिक्षण लेने के लिए आते हैं. दाऊलाल मालवीय के पास ऐसे हजारों प्रशंसा पत्र है जिन्हें जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने मदद करने पर उन्हें दिए है.

.

FIRST PUBLISHED : May 19, 2023, 18:39 IST

Source link

Up Head Line
Author: Up Head Line

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें