
ललितेश कुशवाहा/ भरतपुर. राजस्थान के भरतपुर जिले के रुदावल और बंसी पहाड़पुर क्षेत्र में किसानों ने अपने खेत के किनारे आम के पेड़ लगा रखे हैं. जिनसे अच्छी पैदावार होने के साथ अच्छा मुनाफा हो जाता है. इस क्षेत्र की मिट्टी में नमी अधिक होने के चलते यहां परंपरागत खेती के साथ बागवानी और नगदी फसलों का उत्पादन अधिक होता है. स्थानीय लोगों को कहना है कि यहां एक हजार के आस पास आम के पेड़ है. जिनसे गर्मी के मौसम में फल की प्राप्ति होती है. यहां के आमों को ककड़ी (Kakadi) आम के नाम से जानते है जो मिठास से भरपूर है. यहां के किसानों के द्वारा इन आमों को स्थानीय मंडी के सहयोग से विभिन्न प्रांतो में भेजा जाता है. इस क्षेत्र में आम के उत्पादन से लाखों रुपए की आमदनी होती है.
किसानों ने खेतों के किनारे लगा रखे है आम के पेड़
स्थानीय निवासी हेम सिंह ने बताया कि रुदावल और बंसी पहाड़पुर क्षेत्र की मिट्टी में नमी होने के चलते यहां सभी प्रकार की फसल आसानी से की जा सकती है और बागवानी के पेड़ भी लगाकर अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है. यही वजह है कि यहां के किसानों ने अपने खेतों के किनारे किनारे दर्जनों की संख्या में आम के पेड़ लगा रखे है. इन पेड़ों से उत्पादन प्राप्त होने के साथ स्थानीय मंडी के सहयोग से देश के विभिन्न प्रांतों में भेज रहे हैं जिससे उन्हें कम लागत में अच्छा मुनाफा हासिल हो रहा है. यहां के आम ककड़ी आम के नाम से मशहूर होने के साथ मिठास से भरपूर है. यह आम स्थानीय मंडी के सहयोग से राजस्थान ,यूपी, एमपी सहित देश के विभिन्न प्रांतों में सप्लाई होता है.
क्षेत्र में करीब 40 से 50 लाख रुपए की आमदनी ..
इस क्षेत्र के अधिकांश गांवों में आम के पेड़ है. जिनकी संख्या 1000 के आसपास है. एक आम के पेड़ से करीब डेढ़ सौ किलो फल उत्पादन होता है. इनमें अधिक मिठास होने के चलते इसका भाव भी अच्छा मिलता है. क्षेत्र में करीब 40 से 50 लाख रुपए की आमदनी (Income) होती है. इस बागवानी से किसानों को कम लागत में दुगना मुनाफा मिलने से आर्थिक स्थिति भी मजबूत हुई है.
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FIRST PUBLISHED : May 19, 2023, 18:35 IST








