बीकानेर के किसान ने सिर्फ 3 लाख रुपए में बनवाया दो मंजिला घर, भूकंप में भी रहेगा सुरक्षित

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निखिल स्वामी/ बीकानेर. इन दिनों लोग अपने सपनो का घर बनाने के लिए ईंट, कंक्रीट और स्टील जैसे आधुनिक निर्माण सामग्री का उपयोग कर रहे है. जिससे उस दो मंजिला मकान बनने की लागत भी 20 से 30 लाख रुपए लगते है. साथ ही समय 6 माह से सालभर लगता है. वहीं थार रेगिस्तान के बीकानेर जिले के लूणकरणसर गांव में एक किसान ने बांस की लकड़ी से दो मंजिला घर बनाया है. जिसकी लागत सिर्फ दो से तीन लाख रुपए आई है और सिर्फ दस दिनों में बनकर तैयार हो गया.

किसान बलराम विश्नोई ने बताया कि दो मंजिला बांस की लकड़ी से बना पूरा घर ईको फ्रेंडली और पर्यावरण अनुकूल है. गर्मी के दिनों में यहां तापमान 45 से 50 डिग्री के बीच पहुंच जाता है, लेकिन बांस की लकड़ी से बना घर भीषण गर्मी में भी ठंडा रहता है. इस दो मंजिला बांस की लकड़ी से बना घर पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है. इस लकड़ी के बने घर को देखने के लिए आस पास के गावों के लोग रोजाना आते है और कई लोग तो इस लकड़ी के मकान को देखकर आश्चर्य चकित है और इस मकान के साथ अपनी सेल्फी और फोटो खिंचवाते है.

आपके शहर से (बीकानेर)

किसान बलराम ने बताया कि यह मकान मेरे खेत में बनाया गया है और यह जमीन से 10 फुट नीचे है दो मंजिला घर बनाने से यह रोड के बराबर आ गया है. यह लकड़ी का मकान बनने का उद्देश है की यहां खेत में बैठने की व्यवस्था हो जायेगी और पास में ही स्विमिंग पूल भी बनाया जाएगा. यह मकान 15 बाय 15 साइज का बना हुआ है. इस दो मंजिला मकान में उपर एक और नीचे एक कमरा बना हुआ है. उपर मंजिल के कमरे में जाने के लिए रोड से घर की तरफ के छोटी पुलिया बनाई गई है. वहीं नीचे वाले कमरे में जाने के लिए नीचे से रास्ता है.

जोधपुर से आया बांस, सांचौर से बुलाए कारीगर

बलराम ने बताया कि दो मंजिला मकान बनाने में एक पिकअप भरकर बांस मंगवाया था. इस मकान को मजबूती के लिए ट्यूबवेल के पाइप खड़ा किया गया है. जिससे पूरा मकान टीका हुआ है. मकान को बनाने के लिए सांचौर से कारीगर आए थे, तीन कारीगर रोजाना 5 घंटे काम करते थे.
बलराम ने बताया कि वे खेती के साथ पौधे की छोटी नर्सरी और गाय का काम भी करते है. वे हर साल खेजड़ी के पौधे लगाते है.

बांस गर्मी, तेज हवा और भूकंप में सुरक्षित

बलराम बताते है कि बांस से गर्मी से निजात मिलती है. पश्चिमी राजस्थान में तेज गर्म हवा और भूकंप आदि होते है. ऐसे में बांस सभी तरह से सुरक्षित है.बांस, एक टिकाऊ निर्माण सामग्री, लंबे समय से दक्षिण पूर्व एशिया के उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों और दुनिया के अन्य हिस्सों में पारंपरिक घरों के निर्माण में उपयोग किया गया है.बांस अपने अद्वितीय गुणों जैसे स्थायित्व, बेहतर भूकंप प्रतिरोध और उच्च शक्ति के कारण घर के डिजाइन के लिए पसंदीदा सामग्री के रूप में ध्यान आकर्षित करना जारी रखता है.बांस गर्मी के खिलाफ अच्छा इन्सुलेशन प्रदान करता है और एक शांत वातावरण बनाता है.घर को खूबसूरत लुक देने के लिए इंटीरियर में बांस को शामिल किया जा सकता है. पारंपरिक लकड़ी की तुलना में, बांस में अग्नि प्रतिरोध अधिक होता है। इस प्रकार, सामग्री को रसोई के डिजाइन में भी शामिल किया जा सकता है. इसके अलावा, उच्च नमी प्रतिरोध के कारण, बांस फर्श और फर्नीचर डिजाइन के लिए भी एक उपयुक्त विकल्प साबित होता है.बांस में मजबूत फाइबर होता है और इसमें कंप्रेसिव स्ट्रेंथ होती है, जो कंक्रीट से दो गुना बेहतर होती है. बांस की तन्यता ताकत भी स्टील की तुलना में है.

Tags: Bikaner news, Rajasthan news

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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