
अनंत कुमार/गुमला. गुमला जिले में गर्मी बढ़ने के साथ ही लीची के दीवानों के लिए खुशखबरी है. यहां के बाजारों में लीची उतर गई है. यह मौसमी फल है जो गर्मी के सीजन में मिलता है. लीची को पानी का अच्छा सोर्स माना जाता है. गर्मियों में डिहाइड्रेशन से बचने के लिए लोग लीची खाना पसंद करते हैं. स्वाद के साथ-साथ सेहत के लिए भी अच्छा होता है. जिला मुख्यालय से लेकर प्रखंडों तक लिची से बाजार पट गया है. यहां के बागानों में लीची में आ रही लाली देखते बन रही है. इस बार लिची की पैदावार अच्छी हुई है. जिस कारण गुमला के बाजारों में काफी संख्या में लिची विक्रेताओं को देखा जा सकता है.
गुमला के किसानों द्वारा वृहत रूप में लीची की खेती की जाती है. लीची का मूल्य उसके साइज पर निर्भर करती है, गुमला के बाजारों में लिची 10 रुपये दर्जन से लेकर 20 रुपये के दर्जन की दर से उपलब्ध है. बाजार में लाल रसीली लीची देख कर लोग अपने आप को खरीदने से नहीं रोक पा रहे हैं. लोग इस मौसमी फल का आनंद लेने के लिए दोपहर कड़ी धूप में भी घरों से बाहर निकल रहे हैं. लीची खरीदने को लेकर ग्राहकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रही है। जिससे किसान भी खुश नजर आ रहे हैं.
ग्राहक जय डुंगडुंग ने बताया कि झारखंड में आम के पकने से पहले लीची का फल पकना शुरू हो जाता है. लीची झारखंड के साथ साथ गुमला में बहुत ही लोकप्रिय है. साथ ही किसान के लिए आमदनी का बहुत अच्छा स्रोत है. यह बहुत ही मीठा लगता है।और झारखंड के लोग इसे बड़े चाव से खाते हैं. वहीं, किसान ज्ञान प्रकाश मिंज ने बताया कि करौंदाबेड़ा से पालकोट बाजार लीची बेचने लाया हूं. मेरे बागान का लीची है. इस बार अच्छी फल हुई है. 15 रुपया दर्जन बेच रहा हूं. यह मौसमी फल है,जो गर्मी के सीजन में होता है. इसके साइज के हिसाब से मूल्य मिलता है. बड़े साइज में फलता है, तो अधिक लाभ होता है.
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FIRST PUBLISHED : May 19, 2023, 17:31 IST








