Electric Road: यही चीज अगर इंडिया में बन जाए तो क्या कहने! यहां भाग-भाग कर इलेक्ट्रिक गाड़ियां ले रहे लोग

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हाइलाइट्स

E20 मोटरवे स्टॉकहोम, गोथेनबर्ग और माल्मो शहरों को कनेक्‍ट करता है.
स्‍वीडन सरकार का इरादा 2025 तक इस हाईवे को पूरी तरह इलेक्ट्रिक करने का है.
2016 से ही स्‍वीडन इलेक्ट्रिक रोड बनाने के प्रयास कर रहा है.

नई दिल्‍ली. स्‍वीडन में एक ऐसा हाईवे बनाया जा रहा है, जिस पर चलते हुए ही इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी अपने आप चार्ज हो जाएगी. इसका मतलब है कि वाहन चालकों को बैटरी चार्ज करने के लिए किसी चार्जिंग स्‍टेशन पर रुकने की जरूरत नहीं होगी. स्‍वीडन द्वारा बनाया जा रहा यह हाईवे दुनिया का पहला परमानेंट इलेक्ट्रिफाइड हाईवे (World’s First Electrified Road) है. वैसे भारत में भी अब ऐसे हाईवे की जरूरत है. क्‍योंकि अपने यहां भी इलेक्ट्रिक व्हिकल का काफी क्रेज है और धड़ाधड़ इलेक्ट्रिक गाड़ियां ले रहे हैं. इलेक्ट्रिफाइड हाईवे (Electrified Highway) बनाने का काम अभी स्‍वीडन में प्रोजेक्‍ट आरंभिक चरण में है. स्‍वीडन सरकार ने साल 2025 तक एक पूरे हाइ्रवे को इलेक्ट्रिफाइड बनाने का लक्ष्‍य रखा है. साथ ही सरकार का इरादा साल 2045 तक 3,000 किलोमीटर लंबे इलेक्ट्रिक रोड बनाने का है.

ई20 नामक इस ई-मोटरवे को इलेक्ट्रिफाइड करने के लिए किस चार्जिंग मैथ्‍ड का इस्‍तेमाल होगा, इसका फैसला अभी नहीं हुआ है. E20 स्टॉकहोम, गोथेनबर्ग और माल्मो जैसे स्वीडन के प्रमुख शहरों के मध्य स्थित है. लगातार उन्नत होती तकनीक के बावजूद इलेक्ट्रिक वाहनों की अपनी खामियां हैं. बैटरी की सीमित रेंज और चार्ज करने में लगने वाला घंटों का समय इसकी सबसे बड़ी खामी है. अगर आपको लंबी दूरी की यात्रा करनी है तो बीच में आपको कई घंटे रुककर बैटरी को चार्ज करना होगा. इसी दिक्‍कत को दूर करने के लिए स्‍वीडन ने इलेक्ट्रिक हाईवे विकसित करने का फैसला किया है.

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2016 से हो रहे हैं प्रयास
स्‍वीडन इलेक्ट्रिक रोड बनाने के प्रयास 2016 से ही कर रहा है. 2016 में, देश ने भारी वाहनों को पैंटोग्राफ के जरिए रिचार्ज करने के लिए हाईवे के दो किलोमीटर के क्षेत्र में ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइनें बिछाई थी. इसके बाद सड़क टेस्टिंग के लिए सड़क के नीचे चार्ज कॉइल्स का इस्तेमाल करके 1.6 किलोमीटर हिस्से को इलेक्ट्रिफाइड किया गया. 2018 में स्‍वीडन के एक हाईवे के दो किलोमीटर तक के हिस्से पर चार्जिंग रेल की शुरुआत की गई. इसमें सड़क के नीचे से बिजली लेने के लिए इलेक्ट्रिक ट्रकों के निचले हिस्‍से में एक छड़ लगाई गई ताकि नीचे से ट्रक तक बिजली आ सके.

किस तकनीक का इस्‍तेमाल करेगा स्‍वीडन?
स्‍वीडन ने अभी हाईवे को इलेक्ट्रिफाइड करने के लिए तीन संभावित विकल्‍पों-कैटेनरी सिस्‍टम, कंडक्टिव सिस्‍टम और इंडक्टिव सिस्‍टम, में से किसी का भी चुनाव नहीं किया है. लेकिन उम्‍मीद की जा रही है कि वह इंडक्टिव अंडर-रोड चार्जिंग सिस्टम (ERS) का इस्तेमाल किया जाएगा.

Tags: Business news in hindi, Electric Bus, Electric Car, Electric vehicle, Highway

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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