
हिमांशु अग्रवाल/ छतरपुर. विश्व पर्यटन नगरी खजुराहो में बुधवार को एक अजब गजब नजारा देखने को मिला, जहां सैकड़ों की तादाद में लोग इकट्ठा होकर हजारों मछलियों की लूट करते नजर आए. लेकिन यहां पर मछली लूटने का जो काम चल रहा था वह अवैध नहीं था. बाकायदा प्रशासन की ओर से भी खुली छूट थी. क्या है पूरा मामला जानिए यहां.
खजुराहो का तालाब बुधवार को लूट का केंद्र बन गया था. यहां लोग शर्ट बनियान उतारकर मछलियां लूटने में लगे थे.कोई व्यक्ति अपने थैले में तो कोई व्यक्ति अपनी तौलिया में मछलियों को इकट्ठा कर ले जाते हुए देखा गया. जिस किसी को भी इस लूट का पता चला सब काम छोड़ तालाब की ओर दौड़ पड़ा. कुछ ही देर में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा.यहांपहुचने वाला हर सख्स बस इस धुन में था कि वो कितनी जल्दी और कितनी सारी मछलियां पकड़ सकता है, बस फिर क्या था जिसे जो मिला वही लेकर खजुराहो के ननोरा तालाब में मछुआरों की टोली भी पहुंच गई थी, लेकिन हर किसी कोइस प्रयास में सफलता मिली, कोई खाली हाथ नहीं लौटा.
दरअसल खजुराहो के चंदेलकालीन ननोरा तालाब कास्वच्छता अभियान के तहत सौंदर्यीकरण होना है. इसे गहरा किया जा रहा है उसके साथ ही चारों तरफ पिचिंग का कार्य किया जा रहा है. तालाब का काम ठीक तरह से हो सके, इसके लिए पानी को खाली किया जा रहा है. ऐसे में तालाब की लाखों मछलियां मर-सड़ ना जाएं, इसके लिए प्रशासन ने भी इन मछली लूटेरों को नहीं रोका, जिसे जितनी हाथ लगी मछलियां लूटकर चला गया.
जीवन में पहली बार मिला ऐसा मौका
स्थानीय मछुआरे का कहना है कि जीवन में पहली बार ऐसा मौका मिला हैं क्योंकि पहले बड़े लोगों का ठेका मिलता था, तब हम जैसे लोग तो इस तालाब की ओर देख भी नहीं सकते थे. तालाब के सौंदर्यीकरण के लिएठेका खत्म हो गया, तो हमें खुली छूट मिल गई. आज इस तालाब से कोई खाली हाथ नहीं गया.
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FIRST PUBLISHED : May 17, 2023, 21:32 IST








