
हाइलाइट्स
मोदी सरकार ने मार्च 2020 में पीएलआई स्कीम शुरू की थी.
14 सेक्टरों के लिए PLI स्कीम का ऐलान हो चुका है.
आईटी हार्डवेयर के लिये PLI योजना को मंजूरी दे दी है.
नई दिल्ली. सरकार ने बुधवार को IT हार्डवेयर के लिये कुल 17,000 करोड़ रुपये के बजटीय खर्च के साथ प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम (PLI)- 0.2 को मंजूरी दे दी. केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी और दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल ने 17,000 करोड़ रुपये के बजटीय व्यय के साथ आईटी हार्डवेयर के लिये पीएलआई योजना को मंजूरी दे दी. कार्यक्रम की अवधि छह साल है.
आईटी हार्डवेयर पीएलआई योजना दो के तहत लैपटॉप, टैबलेट, सभी उपकरणों से लैस पर्सनल कंप्यूटर (ऑल इन वन पीसी) सर्वर आदि आएंगे. मंत्री ने कहा कि इस प्रोत्साहन योजना से 3.35 लाख करोड़ रुपये का उत्पादन और 2,430 करोड़ रुपये का निवेश होने का अनुमान है. इससे सीधे तौर पर 75,000 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है.
इन चीजों को किया गया है शामिल
उल्लेखनीय है कि सरकार ने फरवरी, 2021 में 7,350 करोड़ रुपये के व्यय के साथ आईटी हार्डवेयर के लिये पहली पीएलआई योजना को मंजूरी दी थी. इसमें लैपटॉप, टैबलेट, सभी उपकरणों से युक्त पर्सनल कंप्यूटर और सर्वर शामिल हैं.
14 सेक्टरों के लिए PLI स्कीम का हो चुका ऐलान
सरकार ने ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट्स, व्हाइट गुड्स, फार्मा, टेक्सटाइल्स, फूड प्रोडक्ट्स, हाई एफिशिएंसी सोलर पीवी मॉड्यूल्स, एडवांस केमिस्ट्री सेल और स्पेशियलिटी स्टील सहित 14 क्षेत्रों के लिए लगभग 2 लाख करोड़ रुपये के ऑटोले के साथ इस योजना को पहले ही शुरू कर दिया है.
क्या है प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम?
मोदी सरकार ने मार्च 2020 में पीएलआई स्कीम शुरू की थी. इसका उद्देश्य घरेलू कंपनियों में निर्मित प्रोडक्ट्स की बिक्री में बढ़ोतरी पर कंपनियों को प्रोत्साहन देना है. पीएलआई योजना का मकसद घरेलू मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्द्धी बनाना है. इसका मकसद विदेशी कंपनियों को आमंत्रित करने के अलावा घरेलू कंपनियों को मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स की स्थापना या विस्तार करने के लिए प्रोत्साहित करना भी है.
(एजेंसी इनपुट के साथ)
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Tags: Cabinet, Cabinet decision, Modi Govt
FIRST PUBLISHED : May 17, 2023, 16:39 IST








