
सृजित अवस्थी/पीलीभीत : पीलीभीत जिले का ट्रांस शारदा इलाका शारदा नदी के पार स्थित है. इस इलाके की आबादी तकरीबन एक लाख के आसपास है. शारदा का जलस्तर बढ़ने पर इलाके को जिला मुख्यालय से जोड़ने के लिए बना पैंटून पुल हटा दिया जाता है. ऐसे में लगभग नवम्बर तक यह आबादी जिला मुख्यालय आने के लिए नाव निर्भर रहना पड़ता है.
दरअसल उत्तर प्रदेश का पीलीभीत जिला हिमालय की शिवालिक पर्वतमाला की तलहटी में बसा है. जिले का एक बड़ा हिस्सा पीलीभीत से हो कर गुजरने वाली शारदा नदी के पार बसा है. इस इलाक़े को ट्रांसशारदा के नाम से भी जाना जाता है. इस इलाक़े में तक़रीबन 80,000 लोग रहते हैं. इलाके के लोगों को अगर जिला मुख्यालय आना होता है तो उन्हें शारदा नदी को पार करना पड़ता है.
हर साल की वही कहानी
शारदा नदी को पार करने के लिए नदी पर पैंटून पुल बनाया जाता है लेकिन बरसात के मौसम में शारदा नदी का जल स्तर काफी अधिक हो जाता है. ऐसे में किसी प्रकार की अनहोनी से बचने के लिए हर साल इस पैंटून पुल को हटा दिया जाता है. वहीं तकरीबन 6 महीने बाद नवंबर में इसे दोबारा बनाने की कवायद शुरू कर दी जाती है लेकिन पुल बंद होने के दौरान 6 महीने इस इलाक़े में रहने वाले लोगों को खासी समस्या से जूझना पड़ता है. उन्हें जिला मुख्यालय आने के लिए नाव के सहारे नदी को पार करना पड़ता है. वहीं बरसात के दौरान जब नदी उफान पर होती है उस दौरान नाव का संचालन भी बंद हो जाता है. ऐसे में जिला मुख्यालय आने के लिए ग्रामीणों को लखीमपुर खीरी जिले के पलिया इलाके के रास्ते 150 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर करना पड़ता है.
आश्वासन साबित हो रहे झूठे
आपको बता दें कि लंबे समय से शारदा पार इलाके के निवासी शारदा नदी पर स्थायी पुल बनाने की मांग करते आ रहे हैं. बीते दिनों पूरनपुर विधायक बाबूराम पासवान ने ट्रांस शारदा इलाके के निवासियों को शारदा नदी पर स्थायी पुल बनाए जाने का आश्वासन दिया था. कुछ ही दिनों में शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने लगेगा. लेकिन हाल फिलहाल तक स्थाई पुल बनने की कवायद शुरू नहीं हो सकी है. ऐसे में इस साल भी शारदा पार के निवासियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा.
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FIRST PUBLISHED : May 17, 2023, 13:12 IST









