
हाइलाइट्स
67 साल के बुजुर्ग ने तैयार की खुद की इलेक्ट्रिक कार
जानें कहां से आए गाड़ी के अहम हिस्से
अविष्कार करने के लिए उम्र बस एक नंबर मात्र होता है, अगर लगन हो तो कुछ नया रचने के लिए उम्र मायने नहीं रखती है, अगर कुछ मायने रखता है तो बस कुछ हासिल करने की चाहत. इसी चाहत के साथ केरल के कोल्लम जिले में रहने वाले 67 वर्षीय एंटोनी जॉन ने एक करिश्मा कर दिखाया है, उन्होंनें अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए अपनी खुद की इलेक्ट्रिक कार तैयार कर दी है. उनका एक वीडियो इन दिनों वायरल हो रहा है. विलेज वार्ता नाम के चर्चित यू ट्यूब चैनल में हाल ही में एक वीडियो अपलोड किया गया, जिसमें एंटोनी जॉन अपनी शानदार रचना के साथ नजर आ रहे हैं. यह कहानी कई लोगों को प्रभावित कर रही है कि किस तरह अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए एंटोनी ने एक इलेक्ट्रिक कार तैयार कर दी है. इससे पहले वह अपनी रोजमर्रा की जरूरत के लिए एक इलेक्ट्रिक स्कूटर पर निर्भर थे, लेकिन उन्हें लगा कि उनकी उम्र हो रही है, ऐसे में उनके पास कोई ऐसा वाहन होना चाहिए जो आरामदायक हो और जिसमें किसी भी मौसम में बाहर जाया जा सके. दुर्भाग्य से उनके बहुत ढूंढने पर भी उन्हें अपने हिसाब का कोई भी इलेक्ट्रिक वाहन नहीं मिला, बस इसी बात ने उनके अंदर एक जिद पैदा कर दी और उन्होंनें खुद की कार खड़ी कर दी.
कैसे हुई इस सफर की शुरूआत:
2018 की बात है, एंटोनी अपनी इलेक्ट्रिक कार की डिजाइन और इसे असेंबल करने के लिए गहन शोध में जुट गए. अपनी जिंदगी के इस मकसद को हासिल करने के लिए, उन्होंने अपने शहर के स्थानीय गैराज से संपर्क साधा जो बस की बॉडी बनाने में महारथ रखते थे. ऑनलाइन उन्हें एक डिजाइन मिला उसे बनाने का काम उन्होंनें गैराज मालिक को सौंपा, साथ में उसे कुछ खास निर्देश भी दे दिए ताकि जो वह बनवाना चाहते थे वहीं चीज बने. और आखिरकार उनके सामने एक छोटी इलेक्ट्रिक कार थी जिसमें दो लोग आराम से बैठ सकते हैं, इसके साथ ही एक छोटे बच्चे के लिए भी पीछे पर्याप्त जगह है. जब तक गैराज कार की बॉडी बनाने में लगे हुए थे एंटोनी खुद कार के इलेक्ट्रिक इंजन को तैयार कर रहे थे.
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कहां से आए गाड़ी के अहम हिस्से:
इलेक्ट्रिक कार के अहम पार्ट्स जैसे बैटरी, मोटर, और तार वगैरह के लिए एंटोनी ने दिल्ली के एक विक्रेता से संपर्क साधा. एंटोनी का यह काम 2018 में शुरू हो गया था लेकिन कोरोना महामारी की वजह से इसमें देर हो गई. इसके अलावा इलेक्ट्रिक कारों के मामले में वह नौसिखिया थे, इस वजह से उन्हें कई बाधाओं का सामना करना पड़ा और उनसे कई गलतियां भी हुई जिसने उनके इस मकसद में और देर कर दी. शुरुआत में उन्हें बैटरी को लेकर दिक्कते आईं, उन्हें सही माइलेज नहीं मिल पा रहा था. जब एक बार लॉकडाउन और पाबंदियां हटीं, एंटोनी ने अपने विक्रेता से संपर्क साधा, उसने एंटोनी को एक उच्च क्षमता वाली बैटरी लेने की सलाह दी.
घर की बनी हुई यह कार चलती है 25 की स्पीड पर:
घर में बनाई गई यह कार की अधिकतम गति 25 किमी प्रति घंटा की है, इस गति की कारों को भारत में रजिस्ट्रेशन प्लेट की जरूरत नहीं पड़ती है. हालांकि एंटोनी ने सुनिश्चित किया है कि उनके पास गाड़ी चलाने वक्त वैध ड्राइविंग लाइसेंस रहे.
क्या है गाड़ी की लागत:
महज 4.5 लाख के निवेश के बाद एंटोनी उस गाड़ी के मालिक बन गए जिसे चलाकर वह दुनिया के सामने उदाहरण पेश कर सकते हैं और गर्व महसूस कर सकते हैं. नई बैटरी से गाड़ी का माइलेज भी फुल बैटरी चार्ज पर 60 किमी हो चुका है, जो उनके रोजमर्रा के कामों के लिए बहुत है. एंटोनी यह बताना नहीं भूलते हैं कि यह गाड़ी उन्होंनें अपने निजी इस्तेमाल के लिए तैयार की है, जबकि उनके परिवार के पास अपनी मारूति आल्टो है. कार बाहर से साधारण डिजाइन की है जिसमें अंदर एक बेंच सीट, स्टीयरिंग व्हील, एक्सीलरेटर और ब्रेक पैडल है. इसका छोटा रूप इसे संकरी सड़को पर भी आसानी से चलाने लायक बनाता है. इसके साथ ही एंटोनी के लिए अपनी कार के लिए पार्किंग ढूंढना भी मुश्किल नहीं है.
एंटोनी ने एक उदाहरण पेश किया:
एंटोनी जॉन का सफर कई लोगों के सामने एक उदाहरण पेश करता है कि किस तरह जोश और समर्पण अगर हो तो असाधारण उपलब्धि हासिल करना भी आसान हो जाता है. इनकी खुद की तैयार की हुई इलेक्ट्रिक कार ना सिर्फ उन्हें एक सहज और टिकाउ ट्रांसपोर्ट मुहैया करा रही है बल्कि ग्लोबल वार्मिंग के दौर में जहां पूरी दुनिया इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर चर्चा करने में लगी हुई है, वहां यह उदाहरण भी पेश करती है कि आवश्यकता से जन्मे अविष्कार के लिए उम्र आड़े नहीं आती.
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Tags: Car, Electric, Electric Car, Kerala
FIRST PUBLISHED : May 16, 2023, 20:22 IST








