कौशाम्बी
जनपद में चिन्हित किये गए 131 हाई रिस्क एरिया
कौशाम्बी 15 मई 2023डेंगू का इलाज संभव है। फिर भी लोगों की ईलाज में लापरवाही और ईलाज में देरी के कारण इस बीमारी से हर साल कई लोगों की मौत हो जाती है। इसलिए इस बीमारी के बारे में लोगों को जागरूक करना अतिआवश्यक है। यह कहना है मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ सुष्पेंद्र कुमार का।
उन्होंने बताया कि डेंगू का प्रकोप बारिश के आसपास भयावह हो जाता है। इस बीमारी के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से हर साल 16 मई को ‘राष्ट्रीय डेंगू दिवस’ मनाया जाता है। इस बार की थीम है हर्नेस पार्टनरशिप टू डेफ़ेअट डेंगू यानि डेंगू की रोकथाम घर से ही शुरू होती है। उन्होंने बताया कि बरसात के पूर्व ही मच्छर भी लगने लगे है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से सुरक्षा कार्य को शुरू कर दिया गया हैं। समुदाय में व्यापक जागरूकता एवं संक्रमण से बचाव के सभी जागरूक रहें। उन्होंने कहा कि इसमें जनपद के हाई रिस्क एरिया को चिन्हित कर साफ़ सफाई छिडकाव जागरूकता आदि शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि सबसे ज्यादा सिराथू में हाई रिस्क एरिया चिन्हित किये गए हैं। इसमें आशा आंगनबाड़ी और घर घर जागरूकता का काम करेंगी। एएनएम सीएचओ सभी अपने क्षेत्र में संक्रामक रोगों के प्रति सचेत रहेंगे।
जिला मलेरिया अनुपमा मिश्रा ने बताया कि जनपद में डेंगू के लिहाज से 131 एरिया चिन्हित किये गए हैं जिसमे सबसे ज्यादा क्षेत्र सिराथू में चिन्हित हैं | और सयुंक्त प्रयास से सुरक्षा कार्य किये जा रहे हैं इसमें स्वास्थ्य विभाग के साथ ही नगरपालिका भी सहयोग कर रहा हैं |
डीएमओ ने कहा कि मच्छरों के काटने से डेंगू मलेरिया जैसी जानलेवा बीमारियाँ होती हैं छोटी छोटी जानकारी एवं बचाव से मच्छरों के काटने से बचा जा सकता हैं डेंगू से बचाव के लिए लोगों को सतर्क रहने की की जरुरत होती हैं उन्होंने बताया कि पानी के बर्तनों को ढक कर रखें। एडिस मच्छर स्वच्छ जल में ही पनपते हैं। सप्ताह में कम से कम 1 बार पानी की टंकी गमलों फूल और फ्रिज के फूलदान आदि को सफाई कर उसे सूखने दें। मच्छरदानी के अंदर सोए। संभव हो तो कीटनाशी संयुक्त मच्छरदानी का प्रयोग करें। उन्होंने बताया कि बुखार आने पर खूब पानी पिए और आराम करें। उन्होंने बताया कि डेंगू चिकनगुनिया संक्रमित मादा एडिस मच्छर को काटने से होता है।
आकड़े
वर्ष 2022 में डेंगू के 165,वर्ष 2021 में डेंगू के 52, वर्ष 2020 में डेंगू के 11,व वर्ष 2019 में डेंगू के 86 केस रिपोर्ट किये गए थे |
क्या है डेंगू
डेंगू बुखार मच्छर जनित वायरल बीमारी है इसमें सिर में दर्द, तेज बुखार, मांसपेशियों एवं जोड़ों में दर्द, त्वचा पर चकत्ते निकल आते हैं। यह मादा एडीज मच्छर के काटने से होता है। यह वायरस 10 दिनों से अधिक समय तक जीवित नहीं रहते लेकिन लापरवाही की गई तो डेंगू रक्तस्रावी बुखार का रूप ले • सकता है जिसमें भारी रक्तस्राव, ब्लड प्रेशर में अचानक गिरावट और अंत में स्थिति अत्यंत गंभीर भी हो सकती है।
डेंगू के लक्षण इस प्रकार हैं:
• तेज़ बुखार- डेंगू का सबसे प्रमुख लक्षण तेज़ बुखार है। डेंगू में 102-103 तक बुखार आना आम बात है।
• बदन टूटना- डेंगू में ज़्यादातर जोड़ों, मांसपेशियों और हड्डियों में दर्द होता है।
• जी मिचलाना –भी एक लक्षण है। डेंगू में आपको घबराहट महसूस होती है।
• चकत्ते या रैशेस- डेंगू में छोटे लाल चकत्ते या रैशेस हो जाते है। इन रैशेस में कभी कभी खुजली भी होती है।
• आँख के पीछे दर्द- ज़्यादातर डेंगू से पीड़ित लोग आँख के पीछे दर्द की शिकायत करते हैं। यह दर्द आँखों की मूवमेंट से बढ़ता है।
• थकान- डेंगू में थकावट महसूस होती है।
“अगर आपको मौसम बदलने के दौरान ख़ासकर बरसात के समय या उसके बाद तेज़ बुखार, चकत्ते और बदन दर्द होता है, तो डॉक्टर से परामर्श और मेडिकल जाँच कराए “
“जाँच के बाद ही पता चलेगा की आपको डेंगू हैं या नहीं।”








