
सौरभ तिवारी/बिलासपुर. करत-करत अभ्यास के जड़मति होत सुजान, रसरी आवत-जात ते सिल पर परत निशान… इस कहावत को चरितार्थ कर दिखाया है राजपुर, बलरामपुर के रहने वाले शुभम बंसल ने. शुभम वैसे तो बलरामपुर के रहने वाले हैं, लेकिन वह बिलासपुर में रहकर कोचिंग और CGPSC की तैयारी कर रहे थे. शुरुआत उन्होंने 6 साल पहले कर दी थी. तमाम कोशिशों के बाद भी सीजीपीएससी क्रैक करने में वह असफल रहे. छह बार कभी प्री निकला भी तो मेंस में चूक गए. इन सब कठिनाइयों और रुकावटों के बावजूद शुभम ने हार नहीं मानी.
शुभम को थोड़ी खुशी तब मिली जब तैयारी के कुछ सालों बाद वह परीक्षा पास कर वाणिज्यिक कर निरीक्षक बने. उनका मकसद तो सीजीपीएससी क्रैक करना था. वह इसके बाद रुके नहीं बल्कि 2018 से सीजीपीएससी को ध्यान में रखकर कड़ी मेहनत शुरू कर दी. फिर आखिर में 6वें अटेम्प्ट में 2021 में उन्हें सफलता हाथ लगी. CGPSC 2021 में शुभम को 29वीं रैंक हासिल हुई और उन्हें जिला महिला बाल विकास के सहायक संचालक का दायित्व मिला.
कई बार आत्मविश्वास टूटता…
शुभम ने बताया कि यह पूरा सफर कठिनाइयों से भरा था. कई बार आत्मविश्वास टूटता, तो डिप्रेशन घेर लेता था. हालांकि मैंने कभी हार नहीं मानी. हर बार खुद को संभालते और बोलते एक बार और. बस शुभम की इसी फितरत ने उन्हें एक के बाद एक 2 पद दिला दिए. शुभम ने बताया कि 2021 में परीक्षा के बाद कोविड आ गया. फिर रिजल्ट रुक गया. यह समय परेशान करने वाला रहा. 2023 में रिजल्ट आया, तो वह खुशी लेकर आया.
शुभम ने प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले स्टूडेंट के लिए कहा कि लगातार कोशिश, पढ़ाई और मेहनत करने से परीक्षा उत्तीर्ण की जा सकती है. साथ ही कहा कि परेशानियां आएंगी, बुरा वक्त आएगा, लेकिन जो लगातार प्रयास करेगा उसे सफलता अवश्य मिलेगी. वहीं शुभम ने कल्पवृक्ष ट्यूटोरियल कोचिंग के शिक्षक मनीष सर का अपनी सफलता में खास हाथ बताया है.
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Tags: Bilaspur news, CGPSC, Success Story
FIRST PUBLISHED : May 16, 2023, 12:27 IST








