UP Nikay Chunav 2023: बीजेपी की जीत के पर्दे के पीछे ये हैं नायक, जबर्दस्त रणनीति से विपक्ष को दी पटखनी

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हाइलाइट्स

यूपी निकाय चुनाव और बीजेपी की रणनीति
निकाय चुनाव में कई दिग्गजों की रणनीति ने किया कमाल
बीजेपी ने इस चुनाव को बेहतरीन प्रबंधन और गजब रणनीति से जीता

लखनऊ. यूपी निकाय चुनाव (UP Nikay Chunav) में बीजेपी की बड़ी जीत के पीछे प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी और संगठन महामंत्री धर्मपाल की रणनीति मानी जा रही है. इस जोड़ी ने उत्तर प्रदेश को संगठनात्मक लिहाज से 6 भागों में बांटते हुए ऐसा जाल बुना कि पूरा विपक्ष उसी में उलझ गया. तगड़ी रणनीति के तहत भारतीय जनता पार्टी ने आक्रामक चुनावी प्रचार अभियान शुरू किया. सीएम योगी से लगाकर पूरे मंत्रिमंडल, संगठन के पदाधिकारी, सांसद, विधायक और यूपी के केंद्र में मंत्री सभी ने निकाय चुनाव में अपनी ताकत झोंक दी.

संगठन महामंत्री धर्मपाल और बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी की नियुक्ति के बाद यूपी का पहला निकाय चुनाव था. इसमें भूपेंद्र चौधरी और संगठन महामंत्री धर्मपाल की बड़ी परीक्षा थी. भूपेंद्र चौधरी ने निकाय चुनावों में 60 से ज्यादा जिलों के दौरे कर पार्टी को एकजुट रखा. संगठन महामंत्री ने बूथ से लगाकर शक्ति केंद्र मंडल तक संगठनात्मक रणनीति बनाई. टिकट वितरण में जिताऊ उम्मीदवार को चुनावी मैदान में उतारा. बागियों का पार्टी से निष्कासन करने में भी कोई परहेज नहीं किया. पीएम मोदी और सीएम योगी के विकास और सुशासन के झंडे को अपने चुनावी कार्यक्रमों से जनता के मन में ऐसा बिठाया कि निकाय चुनाव में वे वोट में तब्दील हो गए.

संगठन महामंत्री ने वॉर रूम से बूथ तक बीजेपी को मजबूत किया
संगठन महामंत्री धर्मपाल ने चुनाव जीतने के लिए एक सधी हुई कार्य योजना बनाई. इस कार्य योजना में तमाम चुनावी अभियान शामिल थे. जिलों से लगाकर मंडल तक कार्यशालाएं और सम्मेलन किए. इनमें समाज से जुड़े चुनावी अभियानों को शामिल किया गया. धर्मपाल ने बीजेपी मुख्यालय में वार रूम बनाया. इस वॉर रूम में संगठन के बड़े चेहरों को जिम्मेदारी दी गई. वॉर रूम में उन कार्यकर्ताओं को जगह मिली जिनकी पैठ पूरे उत्तर प्रदेश के बूथों तक मजबूत थी.

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एक क्लिक पर पार्टी का मैसेज बूथ तक पहुंच रहा था
मजबूत रणनीति और प्रबंधन के चलते एक क्लिक पर पार्टी का मैसेज बूथ तक पहुंच रहा था. बूथ की हर पल की रिपोर्ट पार्टी प्रदेश कार्यालय पहुंच रही थी. इसी लिहाज से पार्टी अपनी रणनीति बनाती और समयनुसार उसमें परिवर्तन किया करती थी. धर्मपाल की इस व्यूह रचना में विपक्ष उलझ गया. संगठनात्मक लिहाज से भारतीय जनता पार्टी विपक्ष पर हावी हो गई.

भूपेंद्र चौधरी ने पूरे यूपी को मथा और नगर पंचायत तक पसीना बहाया
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने उत्तर प्रदेश के लगभग सभी जिलों में दौरे किए. निकाय चुनाव में 60 से ज्यादा जनसभाएं की. वहीं संगठनात्मक बैठकें जिलों में भी आयोजित की. इन बैठकों में वे पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भर रहे थे. इसी बीच भारतीय जनता पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता टिकट न मिलने से बागी हो गए. भूपेंद्र चौधरी ने उनको हर तरह से समझाने की कोशिश की. लेकिन जो नहीं माने उनको पार्टी से निष्कासित करने में भी परहेज नहीं किया. संवाद, अनुशासन और मेहनत के दम पर निकाय चुनाव में पार्टी के पक्ष में बड़ा माहौल तैयार किया.

प्रदेश महामंत्री संजय राय ने संभाली वॉर रूम की कमान
बीजेपी के प्रदेश महामंत्री संजय राय संगठन कार्य में दक्ष माने जाते हैं. यही वजह है कि पार्टी ने उनको निकाय चुनाव के वॉर रूम की कमान दी. संजय ने पूरे प्रदेश के बूथ और यूपी बीजेपी मुख्यालय के बीच समन्वय का काम किया. पार्टी के निर्देश बूथ तक पहुंचाए. संजय राय ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं तक फीडबैक पहुंचाया. उसी हिसाब से रणनीति बनाई गई.

त्रयंबक त्रिपाठी ने स्थानीय संगठन को सक्रिय किया
बीजेपी निकाय चुनाव के प्रभारी और इंचार्ज त्रयंबक त्रिपाठी पिछले कई चुनावों में लगातार चुनावी प्रबंधन की टीम में शामिल रहे हैं. उनके इस अनुभव का फायदा निकाय चुनाव में भी पार्टी को मिला. त्रयंबक ने निकाय चुनाव में प्रत्याशी को जिताने के लिऐ स्थानीय संगठन को सक्रिय किया. इसके साथ ही नाराज कार्यकर्ताओं को मनाकर पार्टी के पक्ष में किया. त्रयंबक ने विपक्षी प्रत्याशी की हर सीट पर सियासी चाल की काट तैयार की और पार्टी की जीत की नींव भरी.

शिव भूषण सिंह ने चुनावी कार्यक्रम संभाले
प्रदेश मंत्री शिव भूषण ने निकाय चुनावी कार्यक्रम की कमान संभाली. शिव भूषण सिंह ने जिस सीट पर जिस बिरादरी का बाहुल्य था वहां पर उस बिरादरी के बड़े नेताओं के चुनावी कार्यक्रम कराए. इन कार्यक्रमों की काट विपक्षी पार्टियां नहीं कर पाई. यही वजह रही कि बीजेपी को हर बिरादरी ने वोट दिया.

आरपी सिंह ने सियासी समीकरणों को देखा
आरपी सिंह ने निगमों से लगाकर पंचायत तक चुनावी समीकरण सैट किए. आगरा से पूर्व विधायक और बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष आरपी सिंह ने निकाय चुनाव में वॉर रूम और प्रबंधन का काम देखा. पश्चिम से लगाकर पूर्व तक के सियासी समीकरणों को समझने वाले आरपी सिंह में बड़ी जिम्मेदारी से संगठनात्मक चुनावी अभियानों की समीक्षा और समन्वय किया.

Tags: BJP, Lucknow news, UP Nagar Nikay Chunav, Uttar pradesh news

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Author: Up Head Line

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