रेगिस्तान का मेवा पीलू फल, दुर्लभ होने के साथ औषधीय गुणों से भरपूर, कई बीमारियों का रामबाण इलाज 

Share Now:

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें


प्रतापा राम, जैसलमेर. पश्चिमी रेगिस्तान की भूमि भले ही बंजर हो, लेकिन प्रकृति ने इस क्षेत्र बहुत अनमोल सौगातें प्रदान की हैं. गर्मियों की शुरुआत होते ही रेगिस्तान में विषम हालात पैदा हो जाते है. इस बार अब तक तापमान 45 डिग्री पार चला गया है. जिसका असर सामान्य जनजीवन पर हो रहा है साथ ही वनस्पतियों को भी नुकसान हो रहा है. लेकिन ऐसी कठिन परिस्थिती में भी इंसान और जीव जंतुओं के ज़िंदा रहने के लिए प्रकृति ने इस क्षेत्र को कई प्रकार की बेशकीमती चीजें प्रदान की हैं. गर्मी की तीव्रता बढ़ने के साथ ही यहां जाल (जाळ) नामक पौधे के पीलू लगने लग जाते हैं, जो स्वादिष्ट होने के साथ साथ अत्यधिक गर्मी से शरीर की रक्षा भी करता है.

भारत के सामरिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण पश्चिमी राजस्थान के इस रेगिस्तानी इलाक़े जैसलमेर के आस पास के गांवों पर प्रकृति की भी मेहरबानियां हैं. यहां पाए जाने वाले एक पेड़ को स्थानीय भाषा में जाल ( जाळ) के नाम से जाना जाता है. इसी जाल के पेड़ पर छोटे छोटे रसीले पीलू के फल लगते हैं. यह फल मई व जून में लगते है. इसकी विशेषता यह है कि रेगिस्तान में जितनी अधिक गर्मी और तेज़ लू चलेगी पीलू उतने ही रसीले व मीठे होंगे. लू के प्रभाव को कम करने के लिए यह एक रामबाण औषधि मानी जाती है. इसे खाने से शरीर में न केवल पानी की कमी पूरी हो जाती है बल्कि लू भी नहीं लगती है.

अत्यधिक मीठे और रस भरे इस फल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे अकेला खाते ही जीभ छिल जाती है, ऐसे में एक साथ आठ-दस दाने मुंह में डालने पड़ते हैं. रेगिस्तान के इस फल को मारवाड़ का मेवा भी कहा जाता है.

पोखरण के जंगलो में पीलू इकट्ठा कर रहे स्थानीय युवा जयप्रकाश, मनोहर प्रजापत और कल्याण ने बताया कि ये फल सिर्फ 1 महीने के लिए होते है और ज्यादा आंधी और बारिश से ये फल झड़ जाते हैं. इनका बाजार में मिलना दुर्लभ होता है, इसलिए इनकी कीमत 300-500 रुपये प्रति किलो तक होती है.

आयुर्वेदिक जानकार ये बताते हैं कि पीलू एक बहुत ही गुणी औषधि है और पीलू का प्रयोग कर कई रोगों को ठीक किया जा सकता है. पेट के रोग, पथरी, बवासीर और तिल्ली विकार में पीलू का उपयोग कर लाभ पाया जा सकता है. इसी तरह वात्त, पित्त और कफ दोष तथा सिर दर्द आदि में भी पीलू का प्रयोग लाभदायक होता है.

ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें News18 हिंदी| आज की ताजा खबर, लाइव न्यूज अपडेट, पढ़ें सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट News18 हिंदी|

FIRST PUBLISHED : May 15, 2023, 18:44 IST

Source link

Up Head Line
Author: Up Head Line

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें