
सोनिया मिश्रा/चमोली. उत्तराखंड का चमोली जिला पर्यटन के लिए तो मशहूर है ही, लेकिन अब यहां स्टार गेजिंग, एस्ट्रो फोटोग्राफी, रॉकेटरी मेकिंग भी इसकी खूबसूरती में चार चांद लगा देगा. इससे न सिर्फ पर्यटन बढ़ेगा बल्कि भविष्य में स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा. जिला प्रशासन ने पर्यटन विभाग के माध्यम से खगोलीय घटनाओं के दिलकश और रहस्यमयी नजारों को दिखाने के लिए एस्ट्रो विलेज कार्यक्रम शुरू करने की ठानी है. यह कार्यक्रम स्टार स्केप्स के सहयोग से बेनीताल में इसके दूसरे एडिशन की मेजबानी करेगा. एस्ट्रो पार्टी 19 से 21 मई तक आयोजित की जाएगी और इससे एस्ट्रो कैंप की शुरुआत होगी.
यह इवेंट स्टार गेजिंग, एस्ट्रो फोटोग्राफी, सौर अवलोकन, एस्ट्रोनॉमी तंबोला, रॉकेटरी मेकिंग, नक्षत्र दर्शन जैसी कई गतिविधियों के साथ विजिटर्स को खगोल विज्ञान का ऐसा अनुभव देगा, जो पहले कभी नहीं था. इसकी लोकेशन बेनीताल यानी समुद्र तल से 2500 मीटर की ऊंचाई पर होगी. बता दें कि स्टारकेप्स भारत की दिग्गज कंपनी होने के साथ साथ इंटरनेशनल डार्क स्काई एडवोकेट नेटवर्क का सदस्य भी है. स्टारकेप्स सक्रिय रूप से भारत मे डार्क स्काई लोकेशन को बढ़ावा देने के लिए काम कर रही है, ताकि एस्ट्रो टूरिज्म में रुचि बढ़ाई जा सके. एस्ट्रो टूरिज्म को बढ़ावा देने के अलावा स्टार स्केप्स प्रदूषण और पर्यावरण पर स्थानीय समुदायों के साथ मिलकर जागरूकता बढ़ाने का काम भी कर रही है. साथ ही पूरे भारत में स्काई नियमों को लागू करने को वकालत भी कर रही है.
क्या होता है एस्ट्रो विलेज?
चमोली जिले के बेनीताल को एस्ट्रो विलेज घोषित किया गया है. इससे वे पर्यटक बेनीताल पहुंच सकेंगे, जिन्हें चांद सितारों और अन्य ग्रह नक्षत्रों को निहारना अच्छा लगता है.
बेनीताल को ही क्यों चुना गया एस्ट्रो विलेज के रूप में?
स्थानीय लोगों के मुताबिक, इसका इतिहास अंग्रेजों के शुरुआती समय से जुड़ा है, तब से जब भारत के गवर्नर जनरल बेटिंग ने भारत में चाय की परंपरा शुरू की थी. जब अंग्रेज यहां पहुंचे तो अल्पाइन से घिरी घाटी उन्हें बेहद पसंद आई और उन्हें यहां का रात का नजारा बेहद पसंद आया. उन्होंने देखा कि साफ आसमान में टिम टिम करते तारे इस घाटी की सुंदरता और बढ़ा रहे हैं. यही कारण था कि अंग्रेजों ने अपनी खोज के दौरान बेनीताल को एक बड़े टी स्टेट के रूप में पहचान दी.
पर्यटन अधिकारी सोबत सिंह राणा ने बताया कि जिले में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं और सरकार के निर्देशानुसार बेनीताल को एस्ट्रो विलेज के रूप में चयनित किया गया है. उन्होंने कहा कि खगोलीय शास्त्र की जानकारी के लिए यहां पर विभिन्न तरीके के उपकरण लगाए गए हैं और अब दूसरी बार 2023 में यहां 19 से 21 मई तक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं.
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Tags: Chamoli News, Uttarakhand news
FIRST PUBLISHED : May 15, 2023, 16:43 IST








