साइक्लोन मोचा ने दिखाया अपना भीषण रूप, इस मुस्लिम देश पर आ सकती है मुसीबत

Share Now:

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

ढाका/कॉक्स बाजार. बांग्लादेश के प्राधिकारियों ने शनिवार को दक्षिण-पूर्वी समुद्र तट से लगभग 5 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का एक बड़ा अभियान शुरू किया क्योंकि देश में ‘अत्यंत खतरनाक’ उष्णकटिबंधीय चक्रवात दस्तक देने वाला है. इससे रोहिंग्या शरणार्थी शिविर को खतरा उत्पन्न होने की आशंका है. लगभग दो दशकों में बांग्लादेश में आये सबसे शक्तिशाली चक्रवातों में से एक ‘मोचा चक्रवात’ के रविवार को बांग्लादेश-म्यांमा सीमा के पास दस्तक देने का पूर्वानुमान जताया गया है. प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा, ‘चक्रवात ‘मोचा’ आ रहा है. हमने चक्रवात केंद्रों को तैयार रखा है और इससे निपटने के लिए सभी प्रकार की तैयारियां की हैं.’ निकासी अभियान इसलिए शुरू किया गया क्योंकि कॉक्स बाजार के समुद्री बंदरगाह को खतरे का संकेत नंबर 10 फहराने की सलाह दी गई है क्योंकि चक्रवात मोखा के और तीव्र होने तथा उत्तर-उत्तर-पश्चिमी दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है.

मौसम विज्ञानियों ने कहा कि तूफान बांग्लादेश के दक्षिण-पूर्वी सीमावर्ती कॉक्स बाजार जिले को प्रभावित कर सकता है जहां दस लाख से अधिक रोहिंग्या शरणार्थी रहते हैं. बांग्लादेशी अधिकारियों ने भासन चार अपतटीय द्वीप पर 55 आश्रय केंद्र स्थापित किए हैं, जहां लगभग 30,000 रोहिंग्या शरणार्थियों को मुख्य भूमि से स्थानांतरित किया गया है. तटीय जिले के उपायुक्त मुहम्मद शाहीन इमरान ने संवाददाताओं से कहा, ‘जिला प्रशासन ने कॉक्स बाजार में 576 नामित चक्रवात आश्रय स्थलों के साथ-साथ सामाजिक, शैक्षणिक और धार्मिक संस्थानों को अस्थायी आश्रय स्थलों के रूप में बदल दिया है, ताकि लगभग पांच लाख लोगों को रखा जा सके.’ इमरान ने कहा कि लगभग 8,600 रेड क्रीसेंट स्वयंसेवक लोगों को स्थानांतरित करने के अभियान से जुड़े हैं और जिला प्रशासन ने उन्हें आश्रय स्थलों तक ले जाने के लिए परिवहन के इंतजाम किये हैं.

बांग्लादेश के मौसम कार्यालय ने अपने नवीनतम मौसम बुलेटिन में कहा कि ‘चक्रवात मोचा’ 175 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं के साथ उत्तर-उत्तरी-पश्चिम की ओर बढ़ रहा है. मौसम विभाग के एक अधिकारी ने कहा, ‘चक्रवात के चलते सामान्य लहरों से परे आठ से 12 फुट तक ऊंची लहरें उठ सकती हैं. प्रधानमंत्री हसीना ने चेतावनी दी कि चक्रवात बिजली और गैस की आपूर्ति को बाधित कर सकता है तथा विशेष रूप से तटीय क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति रुक सकती है. मुख्य मौसम विज्ञानी अज़ीज़ुर रहमान ने कहा, ‘यह चक्रवात (मोचा) 2007 के चक्रवात ‘सिद्र’ के बाद से सबसे शक्तिशाली तूफान है.’

विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) ने इससे पहले शुक्रवार को सप्ताहांत में 2-2.5 मीटर ऊंची लहर उठने की आशंका जताई थी, जिससे उत्तरी म्यांमा के निचले इलाकों के साथ-साथ बांग्लादेश के कुछ हिस्सों में बाढ़ आने के साथ ही भूस्खलन की भी आशंका है. डब्ल्यूएमओ के प्रवक्ता क्लेयर नुलिस ने जिनेवा में एक प्रेसवार्ता में कहा, ‘यह एक बहुत ही खतरनाक चक्रवात है और … यह तेज हवाओं से जुड़ा है… चक्रवात के दस्तक देने और उसके बाद लाखों लोगों पर काफी प्रभाव पड़ेगा.’ इस बीच, हजारों लोगों को सेंट मार्टिन द्वीप से स्थानांतरित किया गया है, जो कॉक्स बाजार-टेकनाफ प्रायद्वीप के सिरे से लगभग नौ किमी दक्षिण में स्थित है. आपदा प्रबंधन के कनिष्ठ मंत्री इनामुर रहमान ने कहा कि दक्षिणी तटरेखा से लगते छह जिलों को भीषण समुद्री लहरों का सामना करना पड़ सकता है.

ये भी पढ़ें- ये भी पढ़ें- कर्नाटक में जहां से गुजरी भारत जोड़ो यात्रा, जानें वहां का हाल, क्या राहुल गांधी की मेहनत रंग लाई

कॉक्स बाजार के एक पत्रकार ने पीटीआई-भाषा को बताया कि बूंदाबांदी के बीच शहर में सुबह से ही शांति की स्थिति देखी जा रही है और शहर के निचले इलाकों तथा इसके आस-पास के इलाकों के निवासियों ने चक्रवात आश्रय स्थलों की ओर रुख करना शुरू कर दिया है. संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी के प्रवक्ता ओल्गा सर्राडो ने कहा कि जरूरत पड़ने पर रोहिंग्या शरणार्थी शिविर से लोगों को आंशिक रूप से हटाने की तैयारी की जा रही है. चटगांव बंदरगाह को अलर्ट पर रखा गया है. नेशनल यूनिवर्सिटी में रविवार को होने वाली परीक्षा स्थगित कर दी गई है.

Tags: Bangladesh, Bay of Bengal Cyclone, Cyclone

Source link

Up Head Line
Author: Up Head Line

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें