
सोनिया मिश्रा/चमोली: चारधाम यात्रा का आगाज हो गया है. भक्त देश विदेश से अपनी मन्नतें लेकर चारों धामों में आ रहे हैं. लेकिन एक धाम ऐसा है, जिसका महत्व सनातन धर्म में खास है. बद्रीनाथ धाम से महज 3 किलोमीटर दूर स्थित एक ऐसा स्थान है, जहां भगवान विष्णु के चरण निशान आज भी दिखते हैं. यहां पत्थर पर चरणों की आकृति देखी जा सकती है. श्रद्धालु बद्रीनाथ धाम पहुंचने के बाद यहां जरूर जाते हैं.
उत्तराखंड के चमोली में भगवान बद्री विशाल का मंदिर है, जहां देश-विदेश से प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शनों के लिए पहुंचते हैं. यहां से महज 3 किमी दूर चरण पादुका नामक स्थान है, जहां श्रद्धालु 3 किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई पार कर पहुंचते हैं और भगवान विष्णु के चरणों के दर्शन करते हैं. नीलकंठ पर्वत की तलहटी में बसे चरण पादुका स्थान एक रमणीय पर्यटन स्थल भी है.
यहां जानें मान्यता
पूर्व धर्माधिकारी भुवन उनियाल बताते हैं कि ऐसी मान्यता है कि भगवान नारायण तिब्बत की ओर से बद्रीनाथ क्षेत्र में आए थे. तिब्बत में थोलिंग में भगवान नारायण का जो मठ है, वह ऊपर की तरफ से फटा है. ऐसा बताया जाता है कि भगवान ऊपर से निकले थे और नीलकंठ पर्वत की तरफ से यहां आए थे. बताया कि बद्रीनाथ मंदिर के पीछे नीलकंठ पर्वत की तलहटी में एक पत्थर है. मान्यता है कि भगवान के चरण वहां पड़े थे. इसके बाद उस स्थान को चरण पादुका कहा जाने लगा और बद्रीनाथ आने वाले ज्यादातर श्रद्धालु चरण पादुका तक ट्रेकिंग करके पहुंचते हैं और भगवान के चरणों के दर्शन करते हैं.
बहुत सुंदर है नजारा
बद्रीनाथ दर्शन करने आए हैदराबाद के श्रद्धालु विजय बताते हैं कि मैं बद्रीनाथ के दर्शन करने पहुंचा था और मुझे भगवान के दर्शन अच्छी तरह से हो गए. जिसके बाद मैं चरण पादुका के दर्शनों के लिए आया था. यहां देखने में बहुत अच्छा है और इसके ठीक सामने नीलकंठ पर्वत भी है जो बर्फ से पूरी तरह से ढका हुआ है.
ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें News18 हिंदी| आज की ताजा खबर, लाइव न्यूज अपडेट, पढ़ें सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट News18 हिंदी|
Tags: Badrinath Dham, Chamoli News, Uttarakhand news, Uttarakhand Tourism
FIRST PUBLISHED : May 08, 2023, 23:34 IST








