यहां देख सकेंगे पक्षियों की 183 प्रजातियां, 6 राज्यों के विशेषज्ञों के सर्वे में दुर्लभ पक्षी भी मिले

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अनुज गौतम/सागर: मध्य प्रदेश के सबसे बड़े नौरादेही वन्य प्राणी अभयारण्य में 6 राज्यों के 22 विशेषज्ञों के द्वारा किए गए बर्ड सर्वे में 183 प्रजातियां पाई गई हैं. सागर दमोह और तेंदूखेड़ा जिले की सीमाओं में फैले नौरादेही वन्य प्राणी अभयारण्य में चौथी बार पक्षियों की गणना हुई है. पिछले साल के मुकाबले इस बार कुछ प्रजातियां और अधिक हो गई हैं. साथ ही उन पक्षियों का भी पता चला है, जो दुर्लभ हैं और उन्हें संरक्षित करने की आवश्यकता है.

साल 2023 की शुरुआत में जनवरी महीने में यह बर्ड सर्वे किया गया था. 1200 एकड़ में फैले इस अभयारण्य में भारतीय उपमहाद्वीप में पाए जाने वाले पक्षियों की 26, भारतीय मूल के पक्षियों की 3 प्रजातियां मुख्य रूप से पाई गईं. वहीं सिनेरियस वल्चर, पेंटेड स्टॉर्क द्व, ओरिएंटल डार्टर, इंडियन वल्चर, रेड हेडेड वल्चर जैसे दुर्लभ पक्षियों ने भी अभयारण्य को अपनी शरणस्थली बनाई है.

नौरादेही वन मंडल के एसडीओ सेवाराम मलिक ने बताया कि इसी साल 13 से 15 जनवरी के बीच नौरादेही अभयारण्य में देश के असम, राजस्थान, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र राज्यों के विभिन्न वन्य प्राणी शोध संस्थानों के छात्र, एक्सपर्ट और वनकर्मियों की टीम ने नौरादेही, डोंगरगांव, सिंगपुर, सर्रा, मुहली, झापन रेंज की 11 ट्रेल्स पर सर्वे किया था. तीन दिन चले सर्वे के दौरान घने जंगल, तालाब- पोखर और मैदानों में पक्षियों की प्रजातियों का अध्ययन कर सर्वे रिपोर्ट तैयार की गई है. इस रिपोर्ट में अभयारण्य में 183 प्रजातियां सामने आई हैं.

प्रवासी पक्षियों की भी अधिकता
बर्ड सर्वे में आवास के आधार पर भी पक्षियों का अध्ययन किया गया है. कौन सी प्रजाति के पक्षी किस तरह का आवास पसंद करते हैं, इसका ब्यौरा जुटाकर रिपोर्ट में शामिल किया गया है. सर्वे के अनुसार अभयारण्य की ट्रेल्स में पक्षियों की 41 प्रजातियां ऐसी मिली हैं, जो आर्द-नम भूमि पसंद करने वाली हैं. अभयारण्य में दर्जनों पोखर- तालाब बारिश में लबालब होने के बाद गर्मियों तक भरे रहते हैं. इस वजह से सर्दियों में इनके आसपास का जंगल प्रवासी पक्षियों का प्रमुख आवास बनते हैं. अभयारण्य में घने वृक्षों पर रहना पसंद करने वाली 30, घास के मैदानों में रहने वाली 27 प्रजातियां पाई गई हैं तो उष्ट कटिबंधीय वनों से आने वाले पक्षियों की एक और सघन वनों में रहने वाले पक्षियों की 6 प्रजातियां मिली हैं.

स्थानीय पक्षियों की कई प्रजातियां मिलीं
आगे बताया कि स्थानीय पक्षियों की 116 प्रजातियां पाई गई हैं. वहीं आसपास के स्थानों से प्रवास पर आने-जाने वाले पक्षियों की 18 प्रजातियों का भी पता लगा है. अभयारण्य में शीतकाल के दौरान इस साल सर्वाधिक बाहरी पक्षी आए थे. सर्वे में ऐसे पक्षियों की 42 प्रजातियां मिली थीं, जबकि लंबी दूरी से आने वाले लेजर केस्ट्रल और ऊंचाई वाले स्थानों से आने वाले लॉग टेल्ड मिनविट जैसे पक्षी भी अभयारण्य में पाए गए.

Tags: Bird Expert, Mp news, Sagar news, Wildlife news in hindi

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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