
Property Knowledge: वसीयत यानी ‘विल डॉक्यूमेंट्स’ एक ऐसा कानूनी दस्तावेज है जो परिवार के सदस्यों के बीच प्रॉपर्टी के बंटवारे को स्पष्ट करता है. यह दस्तावेज बताता है कि किसी शख्स की मौत के बाद उसकी प्रॉपर्टी कैसे और किनमें बांटी जाए. वसीयत में लिखी गई बात को अदालत भी मान्यता देती है.
प्रॉपर्टी को लेकर लड़ाई-झगड़े में परिवार के कुछ सदस्य प्रॉपर्टी को हड़पने के मकसद से फर्जी वसीयत भी बना लेते है. अगर किसी व्यक्ति को लगता है कि एक वसीयत फर्जी है, तो उसे अदालत में एक याचिका दायर कर सकता है.
10 साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान
फर्जी वसीयत बनवाने के मामलों में 10 साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है. जुर्माने की रकम अलग-अलग अदालत से अलग-अलग केस के आधार पर तय की जाती है.
वसीयत को चुनौती देने के आधार
- इच्छा के विरूद्ध वसीयत: वसीयत बनाने वाले की इच्छा नहीं थी, उससे किसी ने जबरन बनवाया हो.
- बीमार व्यक्ति से वसीयत लिखवाना: अगर बीमार व्यक्ति से कोई वसीयत लिखवा ली गई है, तब ऐसी वसीयत का भी कोई वेलिडेशन नहीं होता है
- वसीयतकर्ता वसीयत बनाने की योग्यता पूरी न करता हो जैसे- उसकी उम्र कम हो या मानसिक तौर पर कमजोर हो, तब ऐसी वसीयत को वैध नहीं माना जाता.
- किसी प्रभाव में लिखी गई वसीयत: अदालत में साबित कर दें कि वसीयत मर्जी से नहीं बल्कि किसी से प्रभावित होकर बनाई गई है.
- वसीयत का कंटेंट: अगर वसीयत में उन कारणों का उल्लेख नहीं किया गया है जिन कारणों से कुछ उत्तराधिकारियों को पॉपर्टी नहीं दी गई है तब ऐसी स्थिति में वसीयत को अवैध माना जा सकता है
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Tags: Ancestral Property, Law, Property, Property dispute
FIRST PUBLISHED : May 07, 2023, 18:28 IST








