Gaya News : ढैंचा लगाकर खेतों की बढ़ाएं उर्वरा शक्ति, सरकार दे रही 90 प्रतिशत का अनुदान, ऐसे लें लाभ

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कुंदन कुमार/गया. रबी फसल की कटाई का काम पूरा हो चूका है. इस दौरान दो-तीन महीने किसानों के खेत खाली रहेंगे. ऐसे में खेतों की उर्वरा शक्ति बढ़ाने, जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार हरी खाद के उत्पादन को बढ़ावा दे रही है. इसके लिए किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ढैंचा बीज पर भारी सब्सिडी दे रही है. इस वर्ष बिहार सरकार ने राज्य में किसानों को ढैंचा बीज सब्सिडी पर देने के लिए आवेदन मांगे हैं.

कृषि विभाग बिहार सरकार के द्वारा खरीफ मौसम 2023 के पहले भूमि में जीवाश्म, विभिन्न पोषक तत्वों एवं कार्बनिक पदार्थ की मात्रा बढ़ाने के लिए ढैंचा की खेती को बढ़ावा देने के लिए अनुदान पर ढैंचा बीज वितरण की योजना शुरू की गई है. योजना के अंतर्गत बीजों की होम डिलीवरी की व्यवस्था भी की गई है. इच्छुक किसान योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. आवेदन करने की अंतिम तिथि 12 मई है.

90 प्रतिशत अनुदान देगी सरकार, मिलेगा 20 केजी बीज
इसके लिए सरकार किसानों को 90 प्रतिशत अनुदान देगी. शेष 10 प्रतिशत राशि किसानों को भुगतान करना होगा. योजना के अनुसार किसान को 20 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर अधिकतम एक हेक्टेयर के लिए ही बीज दिए जाएंगे. ढैंचा बीज का मूल्य 8,000 रुपया प्रति क्विंटल रखा गया है.

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अनुदान पर ढैंचा बीज लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन 27 अप्रैल 2023 से शुरू किए जा चुके हैं. गया जिले के इच्छुक किसान 12 मई 2023 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. इसके बाद आवेदन बंद हो जाएंगे. वहीं जिले केकिसान आवेदन के आधार पर 22 मई 2023 तक अनुदान पर बीज प्राप्त कर सकते हैं.

भूमि को पर्याप्त मात्रा में नाइट्रोजन मिल जाता
बता दें कि ढैंचा फसल कम लागत में अच्छी हरी खाद का काम करती है. इससे भूमि को पर्याप्त मात्रा में नाइट्रोजन मिल जाता है. जिससे किसानों को अगली फसल में कम यूरिया की आवश्यकता होती है. हरी खाद से भूमि में कार्बनिक पदार्थ बढ़ने से भूमि व जल संरक्षण तथा संतुलित मात्रा में पोषक तत्व मिलने से भूमि की उपजाऊ शक्ति बढ़ जाती है.

ढैंचा की पलटाई कर खेत में सड़ाने से नाइट्रोजन, पोटाश, गंधक, कैलिशयम, मैगनीशियम, जस्ता, तांबा, लोहा आदि तमाम प्रकार के पोषक तत्व प्राप्त होते हैं. जिससे फसलों की पैदावार तो बढ़ती है, साथ ही कम रासायनिक उर्वरकों की आवश्यकता पड़ती है. जिससे कृषि की लागत भी कम हो जाती है.

12 मई तक होगा आवेदन, इतना है लक्ष्य
इस संबंध गया जिला कृषि पदाधिकारी सुदामा महतो ने बताया कि गया जिला मे 219 क्विंटल ढैंचा लगाने का लक्ष्य रखा गया है. इसका लाभ लेने के लिए किसान 12 मई तक आवेदन कर लें. इसमें किसानों को 90% अनुदान दिया जा रहा है. इन्होंने बताया कि ढैंचा हरित खाद के रुप मे इस्तेमाल किया जाता है.इसके उपयोग से खेतों में यूरिया कम मात्रा में लगेगी. इसे यूरिया का फैक्ट्री कहा जाता है.आने वाले फसल के लिए यह बेहद ही लाभदायक है.

Tags: Agriculture, Bihar News, Gaya news

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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