बड़ा खुलासा: अतीक अहमद का आखिरी बार चेहरा देखने कब्रिस्तान आई थी शाइस्ता परवीन! पुलिस को नहीं लग पाई भनक

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हाइलाइट्स

चोरी-छिपे अतीक के जनाजे में शामिल होने आई थी शाइस्ता परवीन.
प्रयागराज के कसारी-मसारी कब्रिस्तान में भारी पुलिस बल थी तैनात.
अतीक के जनाजे में आने को शाइस्ता ने आतिन के घर में ली थी पनाह.

प्रयागराज. उमेश पाल शूटआउट (Umesh Pal Shootout) केस में नामजद अभियुक्त और 50 हजार की इनामी माफिया अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन (Atique Ahmed’s wife Shaista Parveen) फरार है. लेकिन, शाइस्ता परवीन को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. सूत्रों के हवाले से खबर है कि अतीक अहमद की हत्या के बाद उसके आखिरी दीदार के लिए पत्नी शाइस्ता परवीन प्रयागराज आई थी. शाइस्ता अतीक को कसारी मसारी कब्रिस्तान में सुपुर्द ए खाक किए जाने से पहले उसका आखिरी बार चेहरा देखना चाहती थी.

सूत्रों के मुताबिक, विगत 16 अप्रैल को शाइस्ता परवीन प्रयागराज आई हुई थी. शहर के खुल्दाबाद इलाके में अतीक अहमद के एक बेहद करीबी के घर पर शाइस्ता परवीन रुकी हुई थी. शाइस्ता के साथ उमेश पाल शूटआउट केस का शूटर और पांच लाख का ईनामी साबिर भी था. दोनों कसारी मसारी कब्रिस्तान जाकर अतीक अहमद का आखिरी बार दीदार करना चाहते थे. लेकिन, कसारी मसारी कब्रिस्तान के आसपास का पूरा इलाका छावनी में तब्दील होने की वजह से शाइस्ता को अपना इरादा बदलना पड़ा था.

दरअसल अतीक के सुपुर्द ए खाक किए जाने के दौरान बुर्के में महिला पुलिस कर्मियों को भी तैनात किया गया था. लेकिन, बुर्कानशीं महिलाओं की भीड़ के बीच शाइस्ता परवीन कब्रिस्तान जाने की फिराक में थी. मीडिया में सुरक्षा इंतजामों की लाइव तस्वीरें देखकर शाइस्ता कब्रिस्तान जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाई थी. कब्रिस्तान में दाखिल होने वाले हर शख्स की आईडी चेक की जा रही थी और उसकी तस्वीरें ली जा रही थीं. इसी वजह से शाइस्ता और साबिर का प्लान फेल हो गया था.

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गत 16 अप्रैल की रात शाइस्ता और साबिर करीबी जफर उल्लाह के घर पर ही रुके थे. 17 अप्रैल की सुबह शाइस्ता और साबिर प्रयागराज से वापस कहीं चले गए थे. इसके बाद दो मई को साबिर एक बार फिर से इसी घर में आया था. शाइस्ता ने उसे आर्थिक मदद के लिए यहां भेजा था. दो मई को कुछ देर रुकने के बाद साबिर वापस यहां से चला गया. हालांकि, शाइस्ता और साबिर प्रयागराज आने और गिरफ्तार न करने पर पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.

प्रयागराज की पुलिस जिस शाइस्ता परवीन और साबिर को पूरे देश में ढूंढ रही है वह पति की हत्या के बाद शहर में आकर रूकी थी और पुलिस को इसकी भनक तक नहीं हो पाई. पुलिस को इस बात की जानकारी शाइस्ता परवीन के पुलिस एनकाउंटर में मारे गए बेटे असद अहमद के दोस्त आतिन जफर को हिरासत में लिए जाने के दौरान हुई है.

बताया जा रहा है कि आतिन जफर ने ही उमेश पाल शूटआउट केस के दौरान असद का मोबाइल फोन और एटीएम कार्ड इस्तेमाल किया था. आतिन जफर के पिता जफर उल्लाह के घर पर ही 16 अप्रैल को शाइस्ता रुकी थी. जफर उल्लाह देवरिया जेल कांड में अतीक अहमद के साथ आरोपी है.

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Author: Up Head Line

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