कौशाम्बी। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय कौशाम्बी (सम्बद्ध चिकित्सालय) के डॉक्टरों ने अपनी कुशलता का परिचय देते हुए एक अति गंभीर मरीज की सफल सर्जरी कर उसे जीवनदान दिया है। प्रयागराज जैसे बड़े शहरों से निराश होकर लौटे मरीज का यहाँ के सर्जरी विभाग ने न केवल सफल उपचार किया, बल्कि जटिल ए.वी. फिस्टुला (AV Fistula) बनाकर जिले में चिकित्सा के क्षेत्र में एक नई मिसाल पेश की है। सिराथू निवासी जितेन्द्र कुमार को बीती 2 जनवरी 2026 को अत्यंत नाजुक हालत में मेडिकल कॉलेज लाया गया था। मरीज को उच्च रक्तचाप (High BP) के कारण गुर्दा खराब होने (Kidney Failure) की समस्या थी। सर्जरी विभाग के सहायक आचार्य डॉ. अरशद ने मरीज की जांच की और पाया कि उसकी स्थिति इतनी गंभीर है कि तत्काल हीमोडायलिसिस की आवश्यकता है। चुनौतीपूर्ण थी सर्जरी चिकित्सकों के अनुसार, मरीज की हालत ऐसी थी कि बिना ए.वी. फिस्टुला (धमनी और नस को जोड़ने वाली एक विशेष प्रक्रिया) के हीमोडायलिसिस करना संभव नहीं था। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रधानाचार्य डॉ. प्रो. एच.के. सिंह के निर्देशन में विशेषज्ञों की एक टीम गठित की गई और तत्काल सर्जरी का निर्णय लिया गया। इस जटिल सर्जरी को निम्नलिखित टीम ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया। डॉ. डी.आर. सिंह (विभागाध्यक्ष, जनरल सर्जरी) डॉ. मो. अरशद (सहायक आचार्य, सर्जरी विभाग) डॉ. संजय कुमार सोनकर (एनेस्थेसिया विभाग) की टीम ने सफलता हासिल किया। बड़े शहरों से नहीं मिला था आराम मरीज के परिजनों ने बताया कि जितेन्द्र पिछले एक महीने से उच्च रक्तचाप और गुर्दे की बीमारी से जूझ रहे थे। उन्होंने प्रयागराज सहित कई बड़े शहरों के अस्पतालों में इलाज कराया, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। अंततः कौशाम्बी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों पर भरोसा जताना उनके लिए जीवनदायी साबित हुआ। अब घर पर स्वास्थ्य लाभ ले रहा मरीज सफल सर्जरी के बाद डॉक्टर ने मरीज को अगले 4 से 5 सप्ताह में हीमोडायलिसिस शुरू करने की सलाह दी है। फिलहाल मरीज की स्थिति स्थिर है और उसे अस्पताल से छुट्टी देकर घर भेज दिया गया है। मेडिकल कॉलेज की इस उपलब्धि से स्थानीय लोगों में हर्ष है कि अब जटिल सर्जरी के लिए उन्हें बड़े शहरों की ओर नहीं भागना पड़ेगा।









