जिंदगी को रमजान बना दें मौत ईद बन जाएगी

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मरहूमा के चेहल्लुम की मजलिस में अश्कबार हुईं आंखें

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SHABBAR ALI/7007720588

एयरपोर्ट के बिसौना गांव स्थित इमामबारगाह जदीद में रविवार को मरहूमा फातिमा नजमी बिन्ते आबिद हुसैन रिजवी, अहलिया मजहर अब्बास के चालीसवें की मजलिस का आयोजन किया गया। मजलिस को बाराबंकी से आए मौलाना सैयद सलमान अब्बास ने खिताब किया।

मजलिस की शुरुआत सोजख्वानी से की गई। सोजख्वानी अलहज्ज नसीमुल हसन बिसौनवी ने पढ़ी। बाराबंकी से आए मौलाना सैयद सलमान अब्बास ने मुस्लिम समाज को एक अच्छा संदेश देते हुए कहा कि जिंदगी को रमजान बना दो मौत खुद ब खुद ईद बन जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि मौत हर शख्स को आना है। मौत न आए यह हमारे आपके अख्तियार में नहीं है। लेकिन, मौत कैसी आए यह हमारे हाथों में है। इसके लिए हमें अपना किरदार (कैरेक्टर) बनाना होगा। उन्होंने यह भी कहा हमारा हद्फ जन्नत हासिल करना नहीं है बल्कि हमारा हद्फ कुरबे इलाही हासिल करना है। उन्होंने कहा यही वजह है कि कर्बला वालों की मौत आसान थी जिंदगी मुश्किल थी। इसलिए के जो जितनी जल्दी शहादत पाया वो उतनी जल्दी जामे कौसर से सैराब हुआ जो जितनी आखिर में शहादत पाया उसकी प्यास उतनी ज्यादा थी। फातिमा जहरा का जीवन औरतों के लिए मिसाल बना। उन्होंने महिलाओं को इबादत के साथ नेक तरीके से जिंदगी गुजारने का सलीका बताया। अंत में उनके साथ हुए जुल्म को बयान किया जिसे सुनकर लोगों की आंखें भर आईं मौलाना का बयान सुनकर अजादार जारो-कतार रोने लगे।

Up Head Line
Author: Up Head Line

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