कौशाम्बी
जिले के यमुना घाटों से हो रही बालू की निकासी शुक्रवार की आधी रात से पूरी तरह से बंद हो जाएगी। इसी के साथ तीन माह के लिए इन खंडों पर सन्नाटा पसर जाएगा। एक अक्तूबर के बाद यह घाट बालू खनन के लिए गुलजार हो सकेंगे। डीएम सुजीत कुमार के निर्देश पर डीएमओ अजीत कुमार पांडेय ने सभी पट्टेधारकों को चेतावनी जारी कर दिया है।
चालू वित्तीय वर्ष में जिले के जमुनापुर, कटरी, पभोषा, महिला, भकंदा, कटैया, नंदा का पूरा, उमरवल, पिपरहा, महरनिया यमुना घाट का टेंडर कर वैध तरीके से बालू निकासी का कार्य प्रसाशन करा रहा था। एनजीटी के नियमों के तहत बालू घाटों पर बारिश हो या न हो 30 जून की आधी रात से खनन कार्य बंद दिया जाता है। इसे संज्ञान में लेते हुए डीएम सुजीत कुमार ने शुक्रवार की रात से खनन कार्य पूर्ण बंदी लगाने का निर्देश खनिज अधिकारी अजीत पांडेय को दे रखा है। उनके निर्देश के क्रम में खनिज अधिकारी ने जिले में संचालित सभी 10 पट्टेधारकों को चेतावनी पत्र जारी किया है। निर्देश दिया है कि हर हाल में 30 जून की आधी रात को खनन कार्य बंद करते हुए खंड में बने परिवहन मार्ग को अवरुद्ध कर दें। ऐसा नहीं करने पर पट्टाधारकों के खिलाफ अवैध खनन किए जाने समेत अन्य कई मामलों में रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। ऐसे में अब शुक्रवार को यमुना बालू घाटों पर खनन का अंतिम होगा। इसके बाद से तीन माह के लिए खंडों पर पूरी तरह से सन्नाटा छा जाएगा।






