
नकुल जसूजा/सिरसा. कहते हैं कि जब कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो कोई राह मुश्किल नहीं होती.ऐसी ही कहानी है सिरसा के रहने वाले 90 साल के इलमचंद की. इलम चंद एथलीट और योगा में अब तक 500 के करीब गोल्ड और सिल्वर मेडल हासिल कर चुके हैं. जिसमें 100 के लगभग अंतर्राष्ट्रीय, 200 के करीब राष्ट्रीय पदक शामिल हैं. देश ही नहीं विदेशों धरती पर भी कई प्रतियोगिताओं में भाग ले चुकें हैं.
मूल रूप से उत्तरप्रदेश के बागपत जिले के रहने वाले अंतर्राष्ट्रीय वयोवृद्ध योग खिलाड़ी इलम चंद वर्तमान में डेरा सच्चा सौदा में स्थित शाह सतनाम एकेडमी में बतौर योग कोच नियुक्त हैं. 63 साल की उम्र से ही उन्होंने योग करना शुरू कर दिया था. जिसके बाद योग और इलमचंद का नाता कुछ ऐसा जुड़ा कि आज तक, 90 की उम्र में भी वो फिटनेस में युवाओं को मात दे रहे हैं.
फल और जूस पर है निर्भर
योग के अलावा रनिंग, जंपिंग, थ्रोइंग, लॉन्ग जंप, हाई जंप,वॉकिंग जैसी कई प्रतियोगिताओं में इलमचंद भाग ले चुके हैं और उन्हें जीतकर मेडल भी हासिल कर चुकें हैं. इलमचंद बताते हैं कि उन्होंने सन् 1996 में योगाभ्यास शुरू किया. पहली बार 2002 में पांडिचेरी में आयोजित वेटरन खेलो में भाग लिया.जिसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और योगाभ्यास को आज तक जारी रखा. 90 साल के इस पड़ाव पर उन्होंने रोटी खाना बंद कर दिया है. वे सिर्फ फल और जूस का सेवन करते हैं.
बढ़ती उम्र है सिर्फ एक सोच
इलम चंद का कहना है कि उम्र के साथ बुजुर्ग होना एक सोच है. 90 साल की उम्र में भी उनकी हिम्मत और जोश आज भी 16 साल के युवक की तरह है और वो इन उपलब्धियों को आने वाले सालों में भी जारी रखना चाहते हैं. युवाओं को फिटनेट का मंत्र देते हुए कहते हैं कि युवा खेलों की तरफ ज्यादा ध्यान दें ताकि फिट रह सके.
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FIRST PUBLISHED : June 23, 2023, 13:18 IST






