सोलर एनर्जी से चमकाएं किस्मत, 80 लाख तक कमाएं, इंजीनियर से लेकर टेक्नीशियन तक की नौकरियां

Jobs in solar energy industry : सोलर इंडस्ट्री सेक्टर में दिन प्रतिदिन तेजी से इजाफा हो रहा है. इसी के साथ सोलर इंडस्ट्री में नौकरियों में भी इजाफा हो रहा है. इस इंडस्ट्री इंडस्ट्री का मार्केट साइज 126 बिलियन डॉलर से अधिक हो गया है. इस इंडस्ट्री में इंजीनियर, स्पेशलिस्ट, टेक्नीशियन, सॉफ्टवेयर इंजीनियर, मैटेरियल साइंटिस्ट और एनवायरमेंट लॉयर जैसे प्रोफेशनल्स की मांग में इजाफा हुआ है. तमाम एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस सेक्टर में करियर की काफी संभावनाएं हैं.

देश की दिग्गज सोलर रूफटॉप कंपनियों में से एक हरटेक सोलर के सीईओ सिमरप्रीत सिंह का मानना है कि सोलर एनर्जी की दुनिया भर में मांग बढ़ रही है. इससे सोलर इंडस्ट्री की मांग बढ़ रही है. जिसके चलते इस इंडस्ट्री में नौकरियों के अवसर बढ़ रहे हैं. बता दें कि हाल ही में अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में 525 किलोवाट और चंडीगढ़ में देश का सबसे बड़ा 2 मेगावाट का फ्लोटिंग स्थापित किया गया है. सिंह बताते हैं कि देश में कई और बड़े सोलर प्रोजेक्ट चल रहे हैं.

सोलर इंडस्ट्री में करियर ऑप्शन

1. इंजीनियरिंग टेक्नीशियन – सोशल एनर्जी इंडस्ट्री में इंजीनियरिंग टेक्नीशियन के तौर पर काम किया जा सकता है. इंजीनियरिंग टेक्नीशियन का काम सोलर संबंधी प्रोजेक्ट पर काम के समय सिविल, मैकेनिकल और एनवायरमेंटल इंजीनियर व साइंटिस्ट को असिस्ट करना होता है. भारत में इंजीनियरिंग टेक्नीशियन की औसत सैलरी 8 लाख सालाना है.

2. सोलर सर्विस टेक्नीशियन – सोलर सर्विस टेक्नीशियन का काम पीवी हार्डवेयर सिस्टम्स को मॉनिटर करना होता है. एक सोलर टेक्नीशियन की भी औसत सैलरी 20-25 हजार रुपये महीने है.

3. सोलर सेल्स रिप्रजेंटेटिव : सोलर एनर्जी सेक्टर में ग्रोथ होने से सेल्स और मार्केटिंग के लोगों की भी डिमांग में इजाफा देखने को मिल रहा है. टेक्निकल योग्यता के साथ एमबीए किए हुए लोगों के लिए नौकरियों के अवसर हैं.

4. सोलर फ्लीट मैनेजर- सोलर फ्लीट मैनेजर सोलर प्लांट्स की देखरेख करते हैं. वे थर्ड पर्टी वेंडर्स ये संपर्क और उन्हें मैनेज करके ट्रांसपोर्ट और इंस्टालेशन में भी मदद करते हैं. भारत में सोलर फ्लीट मैनेजर की सैलरी औसतन 6 से सात लाख रुपये सालाना है.

5. सॉफ्टवेयर इंजीनियर- सोलर एनर्जी सेक्टर में भी सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स की डिमांड है. सॉफ्टवेयर इंजीनियर टेक्नोलॉजिकल टूल, सिस्टम और एप्स डिजाइन करते हैं. उनके प्रोग्राम सिस्टम डिजाइन और एनर्जी प्रोडक्शन की मॉनिटरिंग व खपत, फाइनेंस, सेल्स, एनर्जी इनवेस्टमेंट में मदद करते हैं. इसके अलावा टेस्टिंग, कोडिंग और सिस्टम डिप्लॉयमेंट जैसे स्पेशलाइज्ड काम में भी सॉफ्टवेयर इंजीनियर की जरूरत होती है. विभिन्न वेबसाइट्स के अनुसार भारत में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की सैलरी 60 से 70 लाख रुपये सालाना है.

6. एनवायरमेंट लॉयर – सोलर एनर्जी सेक्टर में बहुत सारी कंपनियां आने के बाद एनवायरमेंट लॉयर की भी मांग बढ़ी है. वे कंपनियों को कानूनी मामलों पर सलाह देते हैं और नियामक एजेंसियों और अदालतों में कंपनियों का पक्ष रखते हैं. एनवायरमेंट लायर के रूप में भी 50-60 हजार रुपये महीने तक कमाई हो सकती है.

क्या कहते हैं एक्सपर्ट

एक्सपर्ट का मानना है कि सोलर एनर्जी पर सरकारें और मल्टीनेशनल कंपनियां बड़े पैमाने पर निवेश कर रही हैं. जिसके चलते इस सेक्टर में काफी नौकरियां पैदा हो रही हैं. इस सेक्टर में सोलर प्रोजेक्ट इंजीनियर, सोलर कंसल्टेंट, सोलर डिजाइन इंजीनियर, सोलर एनर्जी टेक्नीशियन, सोलर इंस्टालेशन फोरमैन और सोलर डिजाइनर जैसे पदों पर भी डिमांड है. सोलर प्रोजेक्ट इंजीनियर को सालाना 60 से 65 लाख और सोलर कंसल्टेंट को 40 लाख से 80 लाख तक सैलरी मिलती है.

सोलर इंडस्ट्री में जॉब के लिए हैं कौन-कौन से कोर्स

सोलर एनर्जी से संबंधित कोर्स करने के लिए 12वीं में गणित, कैमिस्ट्री और फिजिक्स जैसे विषयों के साथ 60 फीसदी अंकों से पास होना जरूरी है. इसके बाद सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, यूजी और पीजी जैसे कोर्स कर सकते हैं. कुल पापुलर कोर्स इस प्रकार हैं :

  • सोलर टेक्नोलॉजी में पीजी डिप्लोमा
  • सोलर इंजीनियर सर्टिफिकेट कोर्स
  • सोलर बिजनेस एंटरप्रेन्योर कोर्स
  • बिजनेस एसोसिएट प्रोग्राम
  • रिन्यूएबल एनर्जी में एमटेक

कहां से करें कोर्स

आईआईटी खड़गपुर
नेशनल पावर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट
यूनिवर्सिटी ऑफ पेट्रोलियम एंड एनर्जी स्टडीज
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सोलर एनर्जी

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Tags: Education news, Job and career, Solar power plant

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Author: Jagran Times

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