शादी में हो रही देरी…तो न हों परेशान, गुप्त नवरात्रि में करें ये उपाय, बनेंगे विवाह के योग!

सर्वेश श्रीवास्तव/अयोध्या. सनातन धर्म में नवरात्रि के पर्व का बहुत महत्व है. वैसे तो साल में 4 बार नवरात्रि का पर्व मनाया जाता है. वहीं हर वर्ष आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को गुप्त नवरात्रि का पर्व शुरू होता है. इस साल गुप्त नवरात्रि 19 जून से प्रारंभ हुए हैं, जिसका समापन 28 जून को होगा. हिंदू पंचांग के मुताबिक वर्ष में दो बार गुप्त नवरात्रि का पर्व मनाया जाता है. एक माघ माह में तो दूसरा आषाढ़ माह में.

गुप्त नवरात्रि में मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की पूजा आराधना की जाती है. तंत्र मंत्र के साधकों के लिए गुप्त नवरात्रि विशेष मानी जाती है. धार्मिक मान्यता के मुताबिक गुप्त नवरात्र में विधि विधान पूर्वक पूजा आराधना करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. ज्योतिषियों की मानें तो गुप्त नवरात्रि में कुछ उपाय ऐसे हैं, जिन्हें करने से विवाह हो जाता है. यदि विवाह मे रुकावट आ रही तो आप भी इस उपाय को आजमा सकते हैं.

शीघ्र विवाह के लिए करें यह उपाय
अयोध्या के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित कल की राम बताते हैं कि जिनकी शादी किसी कारणवश नहीं हो पा रही है, उन्हें गुप्त नवरात्रि के दौरान आदिशक्ति मां भगवती पार्वती की विधि विधान पूर्वक पूजा आराधना करनी चाहिए. पूजा करते वक्त मां पार्वती को लाल पुष्प अर्पित करें. नारियल, फूल, कपूर की आरती करते हुए मां पार्वती के मंत्रों का जप करें. अगर आप ऐसा करते हैं तो शीघ्र ही विवाह के योग बनेंगे. वहीं दूसरी तरफ अगर शादी में कोई बाधा उत्पन्न हो रही है तो गुप्त नवरात्रि के पहले दिन से ही अगले 40 दिनों तक मां कात्यायनी की विधि विधान पूर्वक पूजा आराधना करें उनके मंत्रों का जप करें.

मां दुर्गा के सप्तशती पाठ का करें जप
ज्योतिषी ने बताया कि गुप्त नवरात्रि के दौरान मां जगत जननी को श्रृंगार का सामान भेंट करें. ऐसा करने से पहले ब्रह्म मुहूर्त में स्नान ध्यान करके लाल रंग का वस्त्र धारण करें. इतना ही नहीं, अगर राहु-केतु की वजह से आपकी शादी में बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं तो पूजा के दौरान मां दुर्गा के सप्तशती पाठ का जप करें. वहीं दूसरी तरफ मां दुर्गा को रोजाना लाल और पीले रंग का फूल अर्पित करें. इस दौरान ‘ओम श्री वर प्रदाय श्री नमः’ मंत्र का जप करें. अगर आप ऐसा करते हैं तो शीघ्र विवाह के योग बनेंगे.

दिए गए इन मंत्र का जप करें
‘हे गौरी शंकरधांगी यथा त्वम शंकर प्रिया तथा मां कुरु कल्याणी, कांत कांता सुदुर्लभाम’
ॐ कात्यायनी महामाये महायोगिन्यधीश्वरि। नंदगोपसुतम् देवि पतिम् मे कुरुते नम:॥

(NOTE: इस खबर में दी गई सभी जानकारियां और तथ्य मान्यताओं के आधार पर हैं. NEWS18 LOCAL किसी भी तथ्य की पुष्टि नहीं करता है.)

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Author: Jagran Times

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