
निशा राठौड़/ उदयपुर.शहर के आदिवासी बाहुल्य के कोटड़ा का पहला छात्र अब डॉक्टर बनने जा रहा है. इस छात्र के नीट परीक्षा में सफल होने पर न सिर्फ परिवार में बल्कि ग्रामीणों में भी काफी अधिक खुशी है. समीर बम्बूरिया ने ऑल इंडिया मेरिट में 970वी रेंक हासिल की है और वह गांव का पहला लड़का है जो डॉक्टर बनेगा. आप को बता दे की कोटड़ा ऐसा क्षेत्र है जहा आदिवासी आज भी मूलभूत सुविधाएं से अछूते है.
आदिवासी ग्रामीण भी मना रहे जश्न
आदिवासी बाहुल्य कोटड़ा तहसील से आदिवासी छात्र समीर बम्बूरिया ने ऑल इंडिया मेरिट में 970वी रेंक बनाकर गांव का नाम रोशन किया है इसके बारे में जब ग्रामीणों को पता चला की उन्हें गांव से पहला डॉक्टर बनने वाला है तो गांव में भी उत्साह का माहौल देखने को मिला. समीर के पिताजी अध्यापक व माँ अध्यापिका है समीर के माता-पिता पुत्र की उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहे है. पिता बंसीलाल बम्बूरिया ने भी विषम परिस्थितियों में 8 किलोमीटर पैदल स्कूल जाकर गाव का पहला अध्यापक बनने का गौरव प्राप्त हुआ. समीर को भी प्राइमरी स्कूल कोटड़ा से और नवोदय स्कूल मावली में कक्षा 12 तक पढ़ाई के बाद इस मुकाम को हासिल किया.
समीर ने बताया की वह दिन में करीब 8 से 10 घंटे पढ़ाई को दिया करता और और यह इनका पहला प्रयास था. ग्रामीण क्षेत्र होने की वजह से इन्होंने घर से दूर रह कर नवोदय विद्यालय में अपनी 12वी की परिक्षा पास की. इसके बाद उन्होंने घर पर रह कर ही सेल्फ स्टडी करना शुरू किया. इसके बाद अगर किसी तरह के कोई परेशानी आती तो वह उदयपुर आकर अपने दोस्तो के साथ पढ़ाईकियाकरतेथे.
प्रदेश का सबसे पिछड़ा क्षेत्र है कोटड़ा
आप को बता दे कि प्रदेश का सबसे पिछडा बाहुल्य होने के बाद अब शिक्षा के प्रति लोगो का रुझान होने से अब लोगो मे भी बच्चे-बच्चियों को पढ़ाने के प्रति सोच बड़ी है. अभी भी कोटड़ा में कई तहसील है जहां पर मूलभूत सुविधाएं ग्रामीणों के लिए उपलब्ध नहीं हैं.
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FIRST PUBLISHED : June 22, 2023, 17:12 IST






