एक ऐसा घास का मैदान,जहां से दिखाई देते हैं हिमालय के मदहोश करने वाले नजारे!

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सोनिया मिश्रा/चमोली. अगर सुकून की तलाश में हो न, तो जरा सोचिए कि दिमाग में क्या आता है? खुला आसमां, चारों तरफ हरियाली, घास के मैदान और साफ बादल ही न? तो चलिए फिर इस रिपोर्ट में आपको ऐसी ही जगह से रूबरू करवाते हैं. जो सुंदर पहाड़ों में बसा है नाम है वेदनी बुग्याल.

उत्तराखंड के चमोली जिले में वेदनी बुग्याल है. रिपोर्ट पढ़ने से पहले जरा बुग्याल का अर्थ समझ लीजिए. ‘पहाड़ की ऊंचाई पर हरे भरे घास के मैदान’ बुग्याल कहा जाता है .वेदनी बुग्याल समुद्र तल से 3375 मीटर की ऊंचाई पर वाण गांव के नजदीक है. जो की रूपकुंड जाने के रास्ते में ही आपको दिख जाएगा. जो उत्तराखंड के सबसे खूबसूरत बुग्यालों में से एक है. जो साल भर हरा भरा रहता है. जहां पहुंचने के लिए आपको एक लंबे ट्रेक को पार करना होगा.

चौखंबा की चोटियां का दिखेगा खूबसूरत नजारा
अगर आप ट्रेक शुरू करते हैं तो रास्ते में आपको त्रिशूल पर्वत , चौखंबा की चोटियां जैसी कई जगहें मिल जायेगी. जिससे आप अपनी आंखें नहीं हटा सकते हैं. ट्रेकिंग पर जाने का एक और कारण है, प्रवेश करने वाले शिविर स्थल. जो बेहद आकर्षक होते हैं.वेदनी कुंड के चुपचाप बहने वाले पानी के पास शांत आकाश के नीचे चारों ओर फूलों से घिरे बुग्याल “घास का मैदान” में डेरा डालना पर्यावरण को स्फूर्तिदायक बनाता है. यह स्थान वनस्पतियों और जीवों से समृद्ध है और आप उस हरे-भरे घास के मैदान में सुंदरता जोड़ते हुए फूलों को देख सकते हैं, इस क्षेत्र में विभिन्न प्रकार के पक्षी और जानवर देखे जा सकते हैं.

आस्था का केंद्र भी है यह बुग्याल!
जिले के जानकार संजय चौहान बताते हैं कि वेदनी बुग्याल की सुंदरता हर किसी को मंत्रमुग्ध कर देती है. वेदनी और आली बुग्याल एशिया का सबसे बड़ा बुग्याल है. यहां पर फूलों और वनस्पतियों की सैकड़ों प्रजातियां पाई जाती है. साथ ही वेदनी बुग्याल आस्था का केंद्र भी है. नंदा राजजात और वार्षिक लोकजात में यहां पर हजारों लोग पहुंचते हैं.

मील का पत्थर साबित होगा रोपवे
वेदनी बुग्याल और उससे सटे आली बुग्याल को केंद्र सरकार की पर्वतमाला परियोजना के तहत यदि रोपवे से जोडा जाय तो एशिया का सबसे बडा और खूबसूरत बुग्याल विश्वस्तरीय स्कीइंग डेस्टिनेशन और विंटर खेलो का प्रमुख क्रीडा केंद्र बन सकता है. स्थानीय ग्रामीण वर्ष 1992 से आली वेदनी बुग्याल को रोपवे से जोडने की मांग कर रहें है. इससे न केवल पर्यटन गतिविधियां बढेंगी अपितु रोजगार के नए अवसरों का भी सृजन होगा. ऐतिहासिक नंदा देवी राजजात यात्रा आयोजन की दृष्टि से भी ये रोपवे भविष्य के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है साथ ही रोपवे टूरिज्म की उम्मीदों को भी पंख लगेंगे.

Tags: Chamoli News, Local18, Uttarakhand news

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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