जलवायु परिवर्तन लंबा कर रहा है पेड़ों को लेकिन कम कर रहा है उनकी उम्र

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एक अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पता लगाया है कि उत्तरी अमेरिका और यूरोप के शीतोष्ण इलाकों में पिछली सदी की तुलना में पेड़ 77 फीसद ज्यादा तेजी से बढ़े हैं. इससे उनकी लंबाई तो ज्यादा होने लगी है. और यह अच्छी बात भी लगती है क्योंकि इससे लगता हैकि उनमें ज्यादा कार्बन जमा हो पाता होगा. लेकिन ऐसा है नहीं बल्कि देखने में तो यह आया है कि इससे ना केवल उनका जीवनकाल कम होता है बल्कि कार्बन सहेजने की उनकी क्षमता भी कम हो गई है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Wikimedia Commons)

ऐसा लगता है कि पेड़ जितना बड़ा होगा, उतना ही ताकतवर होगा. लेकिन ताकतवर पेड़ को भी सहारा चाहिए होता है बल्कि बड़े पेड़ों को तो उनके आकार के हिसाब से ज्यादा सहारे की जरूरत होती है जिससे वे जमीन पर गिर ना पड़ें. यहीं पर अच्छी और भरोसेमंद लकड़ी की भूमिका आती है क्योंकि केवल आकार बड़ा होना ही इसके लिए काफी नहीं है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Wikimedia Commons) जैसे जैसे पेड़ बढ़ता है हवा से उनके जाने वाला कार्बन पेड़ के तने के आसपास दूसरे रूप में जमा हो जाता है. इससे तने में जैविक भार जमा होने लगता है जिसे हम लकड़ी कहते हैं. यही हिस्सा पेड़ को स्थायित्व देने का काम करता है और उसे बारिश, हवाओं और तूफानों में भी खड़ा रखता है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Wikimedia Commons) पिछले कुछ दशकों से देखा जा रहा है कि है कि कुछ पेड़ सामान्य से ज्यादा ही लंबे होने लगे हबैं.लेकिन इसका कारण उतना अच्छा नहीं है जितना की नतीजे को देखते हुए लगता है. ऐसा लगता है कि पेड़ हवा से ज्यादा कार्बन डाइऑक्साइड खींच रहे हैं , लेकिन ऐसा है नहीं. शोधकर्ताओं ने पाया कि असामान्य वृद्धि के कारण मोटे होने के बावजूद पेड़ों का पहले घनत्व कम हो गया और यह गिरावट 8-12 फीसद थी. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Wikimedia Commons)

घनत्व में गिरावट का मतलब यह है कि पेड़ों ने ना केवल कम कार्बनडाइऑक्साइड अवशोषित की है बल्कि वे जल्दी मर भी रहे हैं. पाया गया कि उन्होंने पहले की तुलना में करीब आधी CO2 ही अवशोषित की. कम घनत्व के लकड़ी का पेड़ों में होना साफ दर्शाता है कि पेड़ अब इतने ताकतवर नहीं रह गए है कि वे तेज हवाओं और गुरुत्व जैसे प्राकृतिक दबावों को झेल सकें. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Wikimedia Commons)

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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