युवाओं को हार्ट अटैक से बचाने महाराष्ट्र सरकार का स्पेशल प्लान, कैसे जान बचाएगी ये तकनीक

हाइलाइट्स

जिला अस्पतालों में कैथ लैब की स्थापना हार्ट अटैक के मामलों के लिए सबसे कारगर साबित होगी
संयमित तरीके से एक्सरसाइज नहीं की तो बढ़ेगा हार्ट अटैक का खतरा
पानी कम पीने से भी बढ़ जाती है अटैक की संभावना, डाइट का रखें ध्यान

मुंबई. पूरी दुनिया में हार्ट अटैक के मामलों में इजाफा होने के बाद अब इसके कारणों को लेकर रिसर्च वर्क भी तेज हो गया है. लोग हंसते, शादियों में नाचते, जिम में एक्सरसाइज करते हुए दिल का दौरा पड़ते ही मौत का शिकार हो रहे हैं. महाराष्ट्र सरकार हार्ट अटैक की घटनाओं को लेकर गंभीर दिख रही है और उसने इस पर एक हेल्थ प्लान तैयार किया है. इन मामलों को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने 19 कैथ लैब खोलने की योजना बनाई है, जो कई जिलों के जिला अस्पतालों में खोले जाएंगे.

महाराष्ट्र स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख अधिकारियों की मानें तो पूरे देश में हार्ट अटैक के मामलों में हो रही वृद्धि सभी के लिए चिंता का विषय है. दिल का दौरा पड़ने का शिकार अधिक उम्र के लोगों के अलावा युवा वर्ग भी हो रहा है. प्रमुख चिकित्सकों ने इसको लेकर जो निष्कर्ष निकाला है उसमें पूरी नींद नहीं लेने को इसकी प्रमुख वजहों में से एक बताया गया है. इसके अलावा लाइफस्टाइल भी इस समस्या की एक बड़ी वजह है.

हार्ट अटैक में कैसे फायदा देगी कैथ लैब
जिला अस्पतालों में कैथ लैब की स्थापना हार्ट अटैक के मामलों के लिए सबसे कारगर साबित हो सकती है. यह वह लैब है जिसमें कुछ खास मशीनें रहती हैं, जिसके मॉनीटर पर देखकर दिल की बीमारी का पता लगाया जा सकता है. कैथ लैब में डायग्नोसिस और इलाज दोनों मिल जाता है. यानि हार्ट अटैक का मरीज यदि एक घंटे के अंदर अस्पताल पहुंच गया तो एंजियोग्राफी के बाद पामी (प्राइमरी एंजियोप्लास्टी इन मायोकार्डिनल इंफार्शन ट्रायल) देकर मरीज की जान बचाई जा सकती है.

युवा क्यों हो रहे हार्ट अटैक का शिकार?
कई हार्ट स्पेशलिस्ट हार्ट अटैक के मामलों में खान पान को भी देखते हैं. उनका कहना है कि लोग ठीक से खाना नहीं खाते हैं और इसके अलावा जंक फूड का इस्तेमाल करने लगे हैं. यह शरीर पर घातक प्रभाव डाल रहा है. लोग फिटनेस के नाम पर भी इतनी ज्यादा एक्सरसाइज कर ले रहे हैं कि उसका उल्टा ही प्रभाव हो रहा है.

संयमित तरीके से करें एक्सरसाइज, योग से होंगे निरोग
विशेषज्ञों की मानें तो जिम में एक्सरसाइज करते हुए हार्ट अटैक के मामले इसकी तस्दीक कर रहे हैं कि जिम जाते ही अधिक एक्सरसाइज करना घातक है. इसके अलावा लोगों की लाइफस्टाइल पर मोबाइल और सोशल मीडिया का भी प्रभाव पड़ रहा है. जरूरत से ज्यादा एक्सरसाइज और खाने-पीने में लापरवाही खतरनाक हो सकती है.

पानी कम पीने से बढ़ जाती है अटैक की संभावना
लोग जिम जाते हैं, लेकिन पानी बहुत कम पीते हैं. इसके चलते शरीर में पानी की कमी होती है और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है. खुद को फिट रखने के लिए योग सबसे लाभकारी है. इसमें डाइट का भी ख्याल रखें.

Tags: Heart attack, Heart Disease, Maharashtra News, Mumbai News, WHO

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Jagran Times
Author: Jagran Times

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