
मो. सरफराज आलम/सहरसा.आमतौर पर जब आप सड़क पर वाहन चला रहे होते हैं तो सामने से या तो कोई जानवर आ रहा होता है, कोई व्यक्ति पैदल आ रहा होता है या फिर कोई दूसरा व्यक्ति अपना वाहन लेकर आ रहा होता है. लेकिन जरा सोचिए! आपके सामने अचानक से बीच सड़क पर एक मोटा आम का पेड़ आ जाए, तो क्या-क्या हो सकता है.
जी हां! सहरसा जिला मुख्यालय से तकरीबन 30 किलोमीटर दूर सलखुआ प्रखंड के गोरगामा-फेंसाहा जाने वाली सड़क पर बीचों-बीच एक मोटा आम का पेड़ है. इस पेड़ के दोनों साइड सड़क है. ऐसा लगता है जैसे यह मोटा पेड़ सड़क के डिवाइडर का काम कर रहा है. हालांकि आम का यह मोटा पेड़ हमेशा दुर्घटना को आमंत्रण देते रहता है. रोड़ बन गई लेकिन पेड़ नहीं कट पाया.
इसी साल बनाई गई है सड़क
यह सड़क तकरीबन 2 किलोमीटर लंबी और 16 फीट चौड़ी है. इसका निर्माण इसी वर्ष फरवरी में किया गया है. जिस पर तकरीबन डेढ़ करोड़ का खर्च आया था. इस बाबत संवेदक मो. बेलाल ने बताया कि सड़क निर्माण के दौरान बीच रास्ते में गांव के ही मो. नासिर आलम का विशाल आम का पेड़ आ गया था. उस पेड़ को हटाने के लिए कहा गया था, लेकिन मो. नासिर नहीं माने. फिर उन्हें मुआवजा देने की भी बात कही गई, उस पर भी वह खरा नहीं उतरे.
इसके बाद संवेदक ने पेड़ को उसी तरह से छोड़कर काम पूरा दिया. जो अब राहगीरों के लिए मुसीबत बन गया है. हालांकि, कोई भी व्यक्ति दुर्घटना काशिकार न हों, इसलिए पेड़ के साथ दोनों साइड स्टॉप का बोर्ड लगा दिया गया है.
क्या कहते हैं स्थानीय लोग
स्थानीय ग्रामीण मो. शाकिर हुसैन ने बताया कि इस सड़क पर रात में आने में काफी डर लगता है. खास तौर पर अनजान लोग जब इस रास्ते से गुजरते हैं, तो उन्हें पता ही नहीं रहता है कि बीच सड़क पर पेड़ है.लोग डर-डर कर इस रास्ते से गुजरते हैं.
सड़क निर्माण के दौरान सवेदक को इसके बारे में सोचना चाहिए था. इस पेड़ को यहां से हटा देना चाहिए था, ताकि आने वाले समय में लोग किसी दुर्घटना के शिकार ना हों. वहीं,मो. तारिक बताते हैं कि खासतौर पर जब कोई अनजान व्यक्ति इस गांव में प्रवेश करते हैं, तो हादसा होने का डर बना रहता है.
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FIRST PUBLISHED : June 19, 2023, 22:16 IST






