
रवि पायक/ भीलवाड़ा. पिछले कुछ समय से उत्तराखंड स्तिथ नीम करौली बाबा धार्मिक स्थान की मान्यता बढ़ी है. जिस से कई देशी-विदेशी भक्त इनके दर्शन करने के लिए जा रहे है. भीलवाड़ा के कुछ युवा भी सबके लिए अनोखी मिसाल पेश कर रहे है. हम आपको भीलवाड़ा के रहने वाले कुछ ऐसे युवाओं के बारे में बताने जा रहे हैं. जो भीलवाड़ा जिले से पैदल यात्रा करते हुए उत्तराखंड में स्थित बाबा नीम करोली कैंची धाम की ओर निकले हैं. यह यात्रा सिर्फ अपने लिए नहीं बल्कि विश्व शांति और कल्याण के लिए कर रहे हैं. 900 किलोमीटर के इस सफर में वह 25 दिनों के भीतर उत्तराखंड में पहुंचेंगे.
यात्रा निकले युवाओं का कहना है कि हम अपनी यात्रा के माध्यम से यह भी कहना चाहेंगे कि भगवान के लिए भी थोड़ा समय जरूर निकाले. जरूरी नहीं है कि तीर्थ स्थल पर जाकर ही भगवान की भक्ति की जाए. अपने पास के मंदिर या घर के मंदिर मे भी भगवान के सामने नतमस्तक रहिए. इसलिए हम भी नीम करौली बाबा से पूरे विश्व मे शांति की कामना करेंगे.
यात्रा करने वाले महिपाल सिंह राठौड़ ने बताया कि अभी हम विश्व की शांति के लिए यह पदयात्रा भीलवाड़ा जिले से नीम करोली बाबा उत्तराखंड के लिए कर रहे हैं. हालांकि हम इस धार्मिक स्थान पर पहले भी यात्रा कर चुके हैं. लेकिन वह यात्रा गाड़ियों से थी. इस बार हम पहली बार पैदल यात्रा पर निकले हैं. नीम करोली बाबा में बालाजी का अवतार प्रतीत होता है. इस धार्मिक स्थान का चलन पिछले कुछ समय में बढ़ा है. युवाओं ने बताया कि भीलवाड़ा जिले से नीम करोली बाबा उत्तराखंड की यात्रा करीब 900 किलोमीटर की होगी. जिसे पूरा करने में करीब 25 से 30 दिन का समय लगेगा. युवक ने बताया कि भीलवाड़ा से हम पांच लोग जा रहे हैं. लेकिन इसमें से दो व्यक्ति पदयात्रा करेंगे और तीन व्यक्ति ड्राइवर व समान को लेकर साथ-साथ चलेंगे.
युवक ने बताया कि आजकल युवा भगवान में धार्मिक स्थानों से दूर होते जा रहे हैं. लेकिन मैं सभी से यह कहना चाहूंगा कि धार्मिक आस्था के प्रति भी अपना रुझान बढ़ाए. यह भी हमारी संस्कृति का एक अतुल्य हिस्सा है. पहले के समय में ऐसा माना जाता था कि किसी काम को शुरू करने से पहले भगवान की आस्था व आशीर्वाद लेना चाहिए. लेकिन आजकल युवा मोबाइल के कारण भगवानों से दूर हो रहा है.
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FIRST PUBLISHED : June 18, 2023, 19:13 IST






