कौशांबी~ मंझनपुर विकासखंड के लहना गांव में ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। गांव में गंदगी अंबार लगा हुआ है। नालियां चोंक हैं। सड़को में नाली और बारिश का पानी भरा हुआ है। कई मोहल्ले में नालियां ही नहीं बनाई गई। ग्रामीणों का आरोप है कि विकास के नाम पर रुपए तो निकाल लिए गए लेकिन जमीन पर विकास कार्य नहीं हुआ। पीड़ित ग्रामीणों ने अपने आला अधिकारियों का इस ओर ध्यान आकृष्ट कराते हुवे जांच की मांग और कार्यवाही की मांग की है। ग्राम पंचायत में अभिलेखीय विकास से जनता त्रस्त है। इसके बावजूद अफसर आल इज वेल बता रहें है। ग्राम पंचायत में आंगनबाड़ी केंद्र व विद्यालयों के कायाकल्प में लोचा ही लोचा नजर आ रहा है। एक ही कार्य के लिए बार-बार बजट निकाला गया है। इससे ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान है।
मंझनपुर विकास खण्ड के लहना ग्राम पंचायत में विकास कार्यों में धांधली के आरोप लगे हैं। आरोप है कि ग्राम प्रधान निर्मला देवी और उसके चमचे सरकारी धन का बंदरबांट कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि आंगनबाड़ी केंद्र व विद्यालयों के कायाकल्प सहित कई योजनाओं में धांधली हुई है। एक ही कार्य के लिए अलग अलग वित्तीय वर्ष में बजट निकाल लिया गया है। इससे ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाओं के लिए जद्दोजहद करना पड़ रहा है। सूत्र बताते है कि 2 जुलाई 2025 को ग्राम पंचायत के आंगनबाड़ी केंद्र कायाकल्प व शौचालय निर्माण इंटरलॉकिंग कार्य के लिए दो लाख चौदह हजार एक सौ अड़तालीस रुपये निकाला गया है। इसके बाद इसी कार्य के लिए 2 जुलाई 2025 को ही छत्तीस हजार चार सौ चव्वालीस रुपये, पांच हजार तीन रुपये, फिर 82 हजार 350 रुपये निकाला गया है। जबकि इसी कार्य के लिए 16 अप्रैल 2025 को 29 हजार 124 रुपये व 9 हजार 900 रुपये निकाला गया है। इसके बाद 27 अप्रैल 2025 को आंगनबाड़ी केंद्र में कायाकल्प व शौचालय निर्माण कार्य के लिए 18 हजार 960 रुपये व 45 हजार 565 रुपये निकाला गया है। इसी तरह उच्च प्राथमिक विद्यालय में शौचालय मरम्मत कार्य के लिए 5 मार्च 2024 को 1 लाख 20 हजार 124 रुपये निकाला गया है। इसके बाद 16 मार्च को 2024 को इसी कार्य के लिए 34 हजार 150 रुपये निकाला गया है। इसके बाद 13 अप्रैल 2024 को उच्च प्राथमिक विद्यालय में शौचालय मरम्मत व हैंडवासिंग कार्य के 1 लाख 51 हजार 132 रुपये निकाला गया है। इसके अलावा प्राथमिक विद्यालय नया शौचालय निर्माण के लिए 5 मार्च 2024 को 1 लाख 41 हजार 995 रुपये निकाला गया है। इसके बाद इसी कार्य के लिए 13 अप्रैल 2024 को ही 1 लाख 59 हजार 914 रुपये निकाला गया है। इसके अलावा सड़क निर्माण, हैंडपम्प व मनरेगा योजना (विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन) सहित कई योजनाओं में धांधली हुई है। इससे ग्राम पंचायत विकास से वंचित रह गया है।
*क्या बोले अफसर
मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। विनोदराम त्रिपाठी सीडीओ






