
रिया पांडे/दिल्ली. दिल्ली में लम्बे समय तक मुगल शासन रहा है. यहां कई ऐसे धरोहरें हैं जो नई-नई दस्तान बयां करती हैं. ये धरोहरें जितनी खूबसूरत हैं उतनी ही दिलचस्प इनके पीछे की कहानियां भी हैं. अगर आप भी गर्मी की छुट्टियों में अपने बच्चों के साथ कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं और साथ ही अपने बच्चे को इतिहास की जानकारी भी देना चाहते हैं तो दिल्ली की यह जगह आपके लिए बेहद ही खास रहने वाली है.
ऐसा ही दिल्ली का हुमायूं का मकबरा. हुमायूं मकबरे का निर्माण उनकी पहली पत्नी हाजी बेगम ने करवाया था. यह सन् 1572 में बनकर तैयार हुआ था. यह भारत का पहला गार्डन मकबरा माना जाता है. हुमायूं का मकबरा आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया संरक्षित इमारत है. यह यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज लिस्ट में भी शामिल है. इसमें पहली बार बड़े पैमाने पर लाल सैंड स्टोन पत्थर का इस्तेमाल किया गया था. बेशक इस टॉम्ब को हुमायूं का मकबरा कहा जाता है. मगर, यहां आपको कई मकबरे देखने को मिलेंगे. कुछ पर आपको नाम लिखा मिल जाएगा तो कुछ पर नहीं.
कुछ खास बातों का रखें ध्यान
अगर आप हुमायूं का मकबरा घुमाने आ रहे है तो इस बात का भी ध्यान रखें कि आपको मकबरे में एंट्री लेने के बाद कोई भी खाने पीने का सामान नहीं ले जाने दिया जाएगा.
टाइम, लोकेशन और टिकट का कीमत
भारतीय यात्रियों के लिए हुमायूँ के मकबरे के लिए प्रवेश टिकट 35 रूपये है. यहां 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए कोई प्रवेश शुल्क नहीं है. वहीं अब समय की बात करें तो ये सुबह 6 बजे से लेकर रात 6 बजे तक खुला रहता है. इसकी नियरेस्ट मेट्रो स्टेशन निजामुद्दीन है और नीचे दिए इस लिंक पर क्लिक कर लोकेशन के जरिए आसानी से जा सकते हैं.
लोकेशन: https://g.co/kgs/QpkopW
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FIRST PUBLISHED : June 18, 2023, 19:15 IST






