अनाथ बच्ची के गुजराती दंपती ने पैर छूकर लिया गोद, ढोल नगाड़े बजाए, टीना डाबी से अब बनी कथा पटेल



जैसलमेर बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अमीन खान ने बताया कि इस मासूम के जन्म लेते ही उसके अपनों ने उससे मुंह मोड़ लिया था. उसे कंटीली झाड़ियों में फेंक दिया था. यह बच्ची 2 फरवरी को जैसलमेर के एक गांव में कंटीली झाड़ियों में मिली थी. इसके बाद इस बच्ची को बाल कल्याण समिति ने राजकीय शिशु गृह में भेजा गया. यहां पर इस बच्ची का लालन पालन किया जा रहा था. (Photo-News 18 Graphics)

उसके बाद मई माह से इस बच्ची गोद लिए जाने को लेकर कानूनी प्रकिया चल रही थी. इसे गुजरात के दंपति ने गोद लिया है. इस दंपति की शादी को 10 साल हो गए लेकिन उनके कोई संतान नहीं है. उन्हें यह बिटिया भा गई.  शिशु गृह ने बच्ची का नाम यूपीएससी टॉपर एवं जैसलमेर कलेक्टर ‘टीना डाबी’ के नाम पर रखा था. गुजराती दंपति ने इस नया नाम ‘कथा पटेल’ दिया है. गुजराती दंपती ने केन्द्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (कारा) के जरिए बच्चा गोद लेने के लिए इच्छा जताई थी. गोद लेने की कानूनी कार्रवाई पूरी होने के बाद यह गुजराती दंपति बेहद खुश हुआ. बिटिया को घर ले जाने के लिए इस दंपति का पूरा परिवार ढोल नगाड़ों के साथ जैसलमेर आया. इनमें तीन पीढ़ी के 30 सदस्य शामिल थे. उसके बाद शनिवार को बिटिया को उसके नए माता-पिता को सौंपा गया. इस दौरान पूरा परिवार बेहद खुश नजर आया. परिवार ने जमकर जश्न मनाया. गुजराती दंपती ने नन्ही बच्ची के पांव छूकर उसका आशीर्वाद लेकर गोद लिया. बाद में बिटिया का माल्यार्पण किया. उससे केट कटवाया गया. जैसलमेर बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अमीन खान ने बच्ची को गोद देने का सर्टिफिकेट गुजरती दंपती को प्रदान किया.

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Author: Jagran Times

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