Darsh Amavasya 2023: दर्श अमावस्या पर उगते चांद को दें अर्घ्य; गंगा स्नान और पिंड दान से मिलता है लाभ

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ईशा बिरोरिया/ ऋषिकेश: हिंदू धर्म में दर्श अमावस्या का विशेष महत्व है. इस दिन विशेष रूप से चंद्र भगवान की पूजा की जाती है. दर्श अमावस्या के दिन व्रत करने से चंद्र देव प्रसन्न होते है. दर्श अमावस्या को श्राद्ध अमावस्या भी कहा जाता है. इसलिए इस दिन पूर्वजों के लिए प्रार्थना की जाती है. आषाढ़ के महीने में पड़ने वाली अमावस्या को दर्श अमावस्या कहा जाता है. कहा जाता है कि इस दिन गंगा में स्नान के पश्यात उगते चंद्र देव को अर्घ्य देने से, पितरों की पूजा करने से और गरीबों को अन्न और वस्त्र दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है.

न्यूज 18 के साथ हुई बातचीत के दौरान पुजारी शुभम तिवारी बताते हैं कि आषाढ़ के महीने में पड़ने वाली अमावस्या को दर्श अमावस्या कहा जाता है. इस शुभ दिन पर चंद्र भगवान की पूजा की जाती है. आने वाली 17 जून को दर्श अमावस्या का व्रत रखा जाएगा. इस विशेष दिन पर जो कोई भी गंगा स्नान करते है और चंद्रदेव की उपासना करतें है उन पर चंद्रदेव की विशेष कृपा रहती है और उनके ग्रह मजबूत हो जाते हैं.

दर्श अमावस्या को श्राद्ध अमावस्या भी कहा जाता है.
शुभम तिवारी बताते है कि दर्श अमावस्या को श्राद्ध अमावस्या भी कहा जाता है. इस विशेष दिन पर पूर्वज धरती पर आते हैं और अपने परिवार वालों को आशीर्वाद देते है. इसीलिए दर्श अमावस्या पर पूर्वजों की भी पूजा की जाती है. पूर्वजों की पूजा के साथ ही इस दिन पर पिंड दान, गंगा स्नान और गरीबों को अन्न और वस्त्र दान करने का भी विशेष महत्व है. ऐसा करने से चंद्रदेव प्रसन्न होकर सभी की मनोकामनाएं पूरी करते है. वे बताते है कि इस दिन उगते चंद्र को अर्घ्य देने से अधिक फल की प्राप्ति होती है.

 गरीबों को दान करें
अगर आप ऋषिकेश घूमने आए हुए हैं तो दर्श अमावस्या के शुभ दिन पर पवित्र त्रिवेणी संगम में गंगा स्नान के पश्यात चंद्रदेव की उपासना जरूर करें. साथ ही साथ इस दिन गंगा स्नान के बाद पितरों की पूजा करें और गरीबों को दान करें.

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FIRST PUBLISHED : June 16, 2023, 10:34 IST

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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