
सच्चिदानंद/पटना. बिहार के छोटे से गांव से निकल कर एक्टिंग के किंग बने मनोज बाजपेयी आजकल पटना में हैं. फिल्म ‘सिर्फ एक बंदा काफी है’ के प्रमोशन के दौरान वो पटना पहुंचे थे. मनोज बाजपेयी स्टारर फिल्म ‘सिर्फ एक बंदा काफी है’ ओटीटी प्लेटफॉर्म Zee 5 पर रिलीज होने के बाद सिंगल स्क्रिन पर भी रिलीज कर दी गई है. ये कोर्टरूम ड्रामा फिल्म सच्ची घटना से इंस्पायर्ड है. फिल्म में मनोज बाजेपयी ने वकील का किरदार निभाया है, जो किसी भी हाल में सच सामने लेकर आता है.
इस फिल्म को दर्शकों का प्यार मिलने के बाद बुधवार को शहर के होटल मौर्या में फिल्म के प्रोमोशन के लिए प्रीमियर का आयोजन किया गया था. इसके बाद वो शहर में घूमने निकल गए. सबसे पहले राजधानी के गांधी घाट पहुंचे और डबल डेकर क्रूज पर एमवी गंगा विहार पर सवार होकर गंगा की सैर पर निकल गए. उसके बाद मरीन ड्राइव पर गंगा से आने वाली ठंडी हवाओं के बीच चाय की चुस्की भी ली. इस मौके पर उन्होंने कहा कि इसका नाम मरीन ड्राइव नहीं बल्कि गंगा ड्राइव होना चाहिए.
पोस्ट ग्रेजुएट चायवाली से मिलने पहुंचे मनोज बाजपेई
चर्चा सिर्फ बिहार में ही नहीं बल्कि मुंबई में भी है. तभी मनोज बाजपेई पटना आते ही पोस्ट ग्रेजुएट चायवाली से मिलने मरीन ड्राइव पहुंच गए. वहां उन्होंने पोस्ट ग्रेजुएट चायवाली से बात की और चाय की चुस्की भी ली. चाय की चुस्की लेते हुए उन्होंने कहा कि यहां बहुत अच्छा लग रहा है. उन्होंने कहा, ‘मैं पटना की मशहूर पोस्ट ग्रेजुएट चायवाली नाज की दुकान पर खड़ा हूं. इनकी चाय काफी मशहूर हो चुकी है और यह युवाओं के लिए प्रेरणा की स्रोत बन गई है. हम अपनी तरफ से इनको धन्यवाद देने और सम्मानित करने आए थे.
कौन है पोस्ट ग्रैजुएट चायवाली?
पोस्ट ग्रेजुएट चायवाली के नाम से चाय का स्टॉल चलाने वाली नाज बानो बिहार के दरभंगा जिला स्थित घनश्यामपुर की रहने वाली है. वह पटना के मरीन ड्राइव पर चाय का एक स्टॉल लगाती हैं. यह स्टॉल हाल में ही शुरू हुआ है. नाज दो भाई और दो बहन हैं. नाज सभी भाई बहन में सबसे छोटी है. दोनों बड़े भाई दिल्ली में नौकरी कर रहे हैं, वहीं बड़ी बहन की शादी हो गई है. दरभंगा के LNMU से इन्होंने उच्च शिक्षा प्राप्त की है. नाज अंग्रेजी विषय की छात्रा है. ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट दोनों ही अंग्रेजी लिटरेचर से की है.
नहीं मिली नौकरी तो खोल दी स्टॉल
नाज का कहना है कि इतनी पढ़ाई करने के बाद भी नौकरी नहीं मिली. उन्होंने कहा, ‘ इंग्लिश लिटरेचर से पोस्ट ग्रेजुएट करने के बाद भी बेरोजगार हूं. ऐसे में पेट पालने के लिए कुछ ना कुछ तो करना ही पड़ेगा. मैंने कई जगह पर नौकरी के लिए ट्राई किया था, लेकिन नौकरी नहीं मिल पाई. एसएससी और रेलवे की भी परीक्षा दी, लेकिन वहां भी नहीं हो पाया. इसलिए अंत में मैंने चाय बेचने का काम शुरू किया. अब मुझे इसी बिजनेस में अपना भविष्य बनाना है, क्योंकि जिस चीज को दुनिया छोटी समझती है उसे मैं आगे लेकर जाऊंगी. हालांकि इस बिजनेस को शुरू करते समय सामाजिक रूप से कई मुसीबतें आई, लेकिन अब लोग यह समझ चुके है कि कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता, बल्कि काम काम होता है’.
.
Tags: Local18, Manoj bajpai, Tea
FIRST PUBLISHED : June 16, 2023, 09:56 IST






