झांसी में संगीतमय होगी शाम, अफगानी वाद्ययंत्र से निकलेगी बुंदेली धुन, स्वर धरोहर महोत्सव का होगा आयोजन

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शाश्वत सिंह/झांसी.आजादी के अमृत महोत्सव के तहत देश भर में स्वर धरोहर महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है. भारत के सांस्कृतिक मंत्रालय और स्वर धरोहर फाउंडेशन द्वारा इस महोत्सव का आयोजन करवाया जा रहा है. दिल्ली के इंडिया गेट और कश्मीर से होते हुए यह यात्रा अब झांसी पहुंची है. 17 जून को झांसी के गंगाधर राव कला मंच पर “किला और कहानी” नाम से इस महोत्सव का आयोजन किया जायेगा. दो दिन के इस महोत्सव में एक दिन संगीत और दूसरा दिन कविताओं को समर्पित होगा.

स्वर धरोहर फाउंडेशन के सचिव सलीम सिद्दीकी ने लोकल 18 से विशेष बातचीत में बताया कि 17 जून को कला मंच पर पद्मश्री उस्ताद गुलफाम अहमद रबाब वादन से महफिल की शुरूआत करेंगे. उनके बाद मशहूर कव्वाल हमसर हयात निजामी समां बांधेंगे. कार्यक्रम का अंत रॉक सूफी बैंड सलमान जमान अपनी शानदार प्रस्तुति से करेंगे. कार्यक्रम शाम 6 बजे से शुरू हो जाएगा. सभी के लिए प्रवेश निःशुल्क है.

19 जून को होगा कवि सम्मेलन का आयोजन
19 जून को झांसी किले के प्रांगण में बहुभाषी कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा. इसमें हिंदी, उर्दू ,पंजाबी के साथ ही बुंदेली कवि भी शामिल होंगे. किले के प्रांगण में होने वाला यह कवि सम्मेलन भी शाम 6 बजे शुरू हो जाएगा. सलीम सिद्दीकी ने कहा कि संगीत भी भारत की एक अमूल्य धरोहर है जिसको संरक्षित करना हमारी साझा जिम्मेदारी है. दिल्ली से शुरू हुए इस महोत्सव की श्रृंखला झांसी में समाप्त होगी.

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FIRST PUBLISHED : June 15, 2023, 19:59 IST

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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