सत्य नडेला का ये सपना पूरा हुआ तो दुनिया के हर आदमी की जिंदगी बदल जाएगी, भारत को लेकर कही ये बात

हाइलाइट्स

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर सत्य नडेला ने अपनी बात रखी.
AI एक्सपेरिमेंट्स को रोकने की नहीं, उनमें तेजी लाने की जरूरत है: नडेला
दुनिया के 8 बिलियन लोगों में हर एक को AI का फायदा मिलना चाहिए.

नई दिल्ली. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की फील्ड में रोज नए डेवलपमेंट्स हो रहे हैं. नवंबर में लॉन्च हुआ ChatGPT टेक्नोलॉजी की दुनिया में अभी तक टॉक ऑफ द टाउन बना हुआ है. ये AI चैटबॉट न सिर्फ लोगों के सवालों के जवाब दे रहा है बल्कि उनका रिज्यूमे बनाने से लेकर उनकी क्रिएटिविटी को पंख भी दे रहा है. माइक्रोसॉफ्ट के CEO सत्य नडेला एक ऐसी दुनिया का सपना देखते हैं जिसमें दुनिया के हर आदमी के पास एक AI असिस्टेंट हो.

वायर्ड को दिए एक इंटरव्यू में सत्य नडेला ने कहा कि उनका सपना है कि दुनिया के हर आदमी के पास एक AI ट्यूटर हो, एक AI डॉक्टर हो, AI प्रोग्रामर हो या फिर एक AI कंसल्टेंट हो.

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भारत में क्या देखकर हैरान हुए नडेला?
इस इंटरव्यू में सत्य नडेला ने कहा, “जनवरी में मैं भारत में था और मैंने एक बेहतरीन डेमो देखा. सरकार एक प्रोग्राम चलाती है- डिजिटल पब्लिक गुड्स नाम से. ये एक टेक्स्ट यू स्पीच सिस्टम है. इस डेमो में एक किसान एक सब्सिडी स्कीम के बारे में पूछा रहा था. सिस्टम ने उस किसान को उस योजना के बारे में बताया, इसके साथ ही ये भी बताया कि अप्लाई करने के लिए वो कौन-कौन से फॉर्म भर सकता है.”

नडेला ने कहा कि नॉर्मली सिस्टम लोगों को बताता है कि वो फॉर्म कहां से डाउनलोड कर सकते हैं. भारत के एक डेवलपर ने जीपीटी को इस तरह से ट्रेन किया कि उसके पास सारे सरकारी फॉर्म्स थे. ऐसे में सिस्टम ने खुद ही फॉर्म निकाला और किसान के लिए उसके समझ की भाषा में वो फॉर्म भर भी दिया.

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OpenAI के फाउंडर सैम ऑल्टमैन ने कहा था कि AI को रेगुलेट करने की ज़रूरत है.

आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस पर क्या बोले सत्य नडेला?
कुछ समय पहले ChatGPT की पेरेंट कंपनी OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन ने कहा था कि आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस (AGI) इंसानी समझ के बहुत करीब पहुंच गया है. उन्होंने कहा था कि हमें AI के इस्तेमाल को लेकर केयरफुल होने की ज़रूरत है क्योंकि टेक्नोलॉजी तेज़ी से आगे बढ़ रही है और उसे रेगुलेट करने की ज़रूरत है.यहां AGI से मतलब ये है कि AI मशीनें दुनिया को इंसानों की तरह ही समझने लगी हैं और वो अपने हिसाब से काम करने में सक्षम हैं.

इस पर नडेला ने कहा, “मैं इसके फायदों पर ज्यादा फोकस करना चाहता हूं. मुझे ये बात परेशान करती है कि दुनिया के जिस हिस्से में मैं पला-बढ़ा वो इंडस्ट्रियल रिवॉल्यूशन के कई साल बाद तक भी उससे अछूता रहा. इसलिए मैं कुछ ऐसा खोज रहा हूं जो इंडस्ट्रियल रिवॉल्यूशन से भी बड़ा हो और वो दुनिया के हर आदमी के लिए वो काम कर दे जो इंडस्ट्रियल रिवॉल्यूशन ने पश्चिम के लिए किया. तो मैं AGI को लेकर बिल्कुल भी चिंतित नहीं हूं क्योंकि इसका मतलब ये है 8 बिलियन लोग इसका फायदा उठा सकते हैं. ये बढ़िया है.”

क्या AI एक्सपेरिमेंट्स को रोक देना चाहिए?
कुछ महीनों पहले एलन मस्क समेत कई टेक दिग्गजों ने AI और उसकी संभावनाओं को लेकर चिंता जाहिर की थी. एक्सपेरिमेंट्स को छह महीने के लिए रोक देने की बात कही थी, साथ में मांग की थी कि AI को लेकर सख्त गाइडलाइन बनाई जाए. इस पर सत्य नडेला ने कहा कि रोकने के लिए कहने की जगह मैं कहूंगा कि हमें एक्सपेरिमेंट्स को स्पीड अप करने की ज़रूरत है. हम अगर AI मॉडल्स को दुनिया के हिसाब से चलाना चाहते हैं तो उन्हें हमें दुनिया में लाना होगा, सिमुलेशंस पर उसे बेहतर नहीं किया जा सकता है.

Tags: Artificial Intelligence, Microsoft, Satya Nadella, Tech News in hindi

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Author: Jagran Times

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