महाभारत का युद्ध जीतने के लिए पांडवों ने मां काली से यहां मांगा था आशीर्वाद! आज भी है भव्य मंदिर


नितिन आंतिल/सोनीपत: कुरुक्षेत्र की धरती पर महाभारत का धर्म युद्ध लड़ा गया था. इस युद्ध के दौरान ही भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था. महाभारत काल से जुड़े किस्से-कहानियां और प्राचीन इतिहास न सिर्फ कुरुक्षेत्र तक सीमित है, बल्कि हरियाणा के अलग-अलग जिलों में भी उस वक्त के मंदिर, इमारतें और अन्य निशानियां आपको देखने को मिल जाएंगी. ऐसे ही सोनीपत का इतिहास भी महाभारत काल से जुड़ा हुआ है.

मान्यता के अनुसार, पांडवों को महाराजा धृतराष्ट्र ने राज्य के बंटवारे में खांडवप्रस्थ जैसा उजाड़, अनुपजाऊ और दुर्गम क्षेत्र दिया था. पांडवों ने कड़ी मेहनत के बल पर इस क्षेत्र को उपजाऊ बनाया और आबाद किया. खांडवप्रस्थ के ही पांच गांवों को पांडवों ने वनवास से वापस आने के बाद मांगा था, जिसको देने के लिए दुर्योधन तैयार नहीं हुआ था. उनमें से एक गांव स्वर्णप्रस्थ था, जिसे सोनीपत कहा जाता है.

पांडवों ने मां काली से मांगी थी जीत
सोनीपत में रामलीला ग्राउंड के पीछे मां महाकाली का एक प्राचीन मंदिर है, जो लगभग 6 हजार वर्ष पुराना बताया जाता है. मान्यता है कि महाभारत के लिए कुरुक्षेत्र जाने से पहले पांडवों ने यहां प्रार्थना की थी और जीत के लिए मां काली का आशीर्वाद लिया था. पांडवों ने भी इस मंदिर के पास एक कुएं का निर्माण किया था, जिसे पांडव कुआं नाम से जाना जाता है. इसके अलावा, चंडी माता का प्रार्थना स्थान भी होता था, जिसे वर्ष 1377 में लोधमल द्वारा फिर से बनाया गया था.

जलती रहती है लौ
मां महाकाली के मंदिर में, कलकत्ता और कालकाजी के मंदिर से लाई गई एक अनंत लौ जलती रहती है. यह भी माना जाता है कि जो भी पवित्र और शुद्ध मन के साथ 40 दिनों के लिए यहां प्रार्थना करता है, उसकी इच्छा पूरी होती है. भक्त, अपनी इच्छाओं को पूरा करने पर, मां महाकाली को नींबू की माला भेंट करते हैं.

दो बार लगता है मेला
यहां हर साल दो बार मेला लगता है. होली महोत्सव के बाद पहली शीतला सप्तमी पर और दूसरा मेला आषाढ़ महीने में आयोजित किया जाता है. मेले के दौरान, लोग नारियल, फल और कपड़े (चुनेरी) के साथ नए अनाज/ फसलों से बनी मिठाई चढ़ाते हैं. हर शनिवार को मंदिर में विशेष प्रार्थना होती है. वर्ष 2002 में भक्तों ने एक बार फिर से मंदिर का निर्माण करवाया और इसे एक नया रूप दिया. वर्तमान में, लाला श्याम लाल कुचल मंदिर के काम की देखभाल कर रहे हैं.

Tags: Haryana news, Local18, Mahabharat, Sonipat news

Source link

Jagran Times
Author: Jagran Times

Leave a Comment

Read More