
कृष्ण कुमार/ नागौर. विषम परिस्थिति मनुष्य के इरादों के आगे झुक जाती है. कहते हैं अगर आपके इरादे मजबूत हो तो आप अपनी मंजिल पा सकते है. यह बात नागौर के फिडो़द गांव की निरमा के संघर्ष पर सटीक बैठती है. जिसने देशभर में NEET-UG रिज्लट में देशभर में 111वी रैंक हासिल कर नागौर का मान बढ़ाया है. इसके लिए उसके गुरुजनो व घरवालों ने भी निरमा का साथ दिया.
NEET-UG का रिजल्ट में नागौर की बेटी निरमा ने देशभर में 111वी रैंक हासिल की है. निरमा को 661 नंबर मिले. इसके लिए निरमा ने बताया कि इसमें मेरे गुरुजनो व घरवालों का पूरा सपोर्ट रहा है. निरमा नागौर के फिड़ोद गांव की रहने वाली हैं. निरमा के पिता नागौर शहर में मजदूरी के साथ-साथ अपने गांव खेती का काम भी करते हैं, वहीं मां गृहणी है.
टार्गेट बनाकर करती है पढ़ाई
निरमा ने बताया कि जब मैं कोचिंग में पढ़ाई कर रही थी और मेरे गुरुओं द्वारा बताए अनुसार पढ़ाई करती थी. उसके बाद कॉर्स को पूरा करने के लिए हर विषय को टार्गेट करके पढ़ती थी. जिससे मेरे को पढ़ाई करने में आसानी होती थी. निरमा ने बताया कि वह 12 घंटे से अधिक पढ़ाई करती थी. वहीं सुबह 10:00 बजे नागौर की AIM एकेडमी जाती थी उसके बाद शाम को घर आती और घर का काम भी करवाती थी. उसके बाद में फिर पढ़ाई करती थी. निरमा को बायोलॉजी सब्जेक्ट अधिक पसंद था जिसमें 360 में से 355 नंबर हासिल की है.
निरमा के पिता मौजीराम मेघवाल ने बताया कि निर्माण शुरू से ही पढ़ाई में होशियार थी. निरमा ने कक्षा 10 में 90% अंक हासिल किए थे और उसके बाद कक्षा 12वीं में 99.60% अंक हासिल किए. निरमा की इच्छा थी एक डॉक्टर बनने की जिसके कारण तो वह शुरुआत से ही एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ रही थी. निरमा की दिन-रात की मेहनत को देखते हुए उन्होंने एक कोचिंग इंस्टिट्यूट में डाल दिया था. निरमा ने नागौर की बी आर मिर्धा कॉलेज की नियमित बीएससी की एडमिशन लिया और बीएससी की पढ़ाई शुरू कर दी फर्स्ट ईयर में 83 प्रतिशत आए थे.
निरमा ने अपनी सफलता का श्रेय गुरुजन व परिवार वालों को दिया है. निरमा का कहना है कि इनके बिना मेरा यह लक्ष्य हासिल करना संभव नही था.क्योंकि इनके मार्ग दर्शन से ही मुझे यह लक्ष्य हासिल हुआ है. परिवार में निरमा के नीट क्लियर करने पर खुशी का माहौल छा गया.
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FIRST PUBLISHED : June 15, 2023, 15:41 IST






