
हाइलाइट्स
मार्केट के उतार चढ़ावों का सीधा असर एसआईपी के रिटर्न पर पड़ता है.
एसआईपी पर पूरी तरह से ब्रेक लगाना कहीं से भी उचित निर्णय नहीं होता है.
आर्थिक स्थिति खराब होने पर आप एसआईपी को कुछ महीनों के लिए रोक सकते हैं.
नई दिल्ली. मौजूदा समय में म्यूचुअल फंड स्कीम में एसआईपी निवेश के लिए एक पॉपुलर ऑप्शन बनकर उभरा है. इससे निवेशकों को उम्मीद के मुताबिक रिटर्न भी काफी अच्छा मिलता है. ऐसे में एसआईपी (SIP) में निवेश करने वाले लोगों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है. अगर आप भी म्यूचुअल फंड एसआईपी में निवेश करते हैं तो आपको इसके बारे में सही जानकारी होना बेहद जरूरी है. जानकारी के अभाव में कई लोगों को फायदे की बजाय नुकसान उठाना पड़ता है.
दरअसल, आप म्यूचुअल फंड एसआईपी में जो पैसा लगाते हैं, उसे भी शेयर मार्केट में ही निवेश किया जाता है. इसलिए मार्केट के उतार-चढ़ावों का सीधा असर इसके रिटर्न पर पड़ता है. कई लोग मानते हैं कि जब मार्केट में ज्यादा अस्थिरता हो तो एसआईपी को रोकना ही बेहतर होता है. आइए जानते हैं कि एसआईपी रोकने का सही समय क्या है.
सभी एसआईपी में मिलता है रोकने का ऑप्शन
अगर आप एसआईपी में निवेश करते हैं या करना चाहते हैं तो आपको इस बात की जानकारी जरूर होनी चाहिए कि कुछ समय के लिए निवेश रोकने की सुविधा सभी एसआईपी में उपलब्ध होती है. हालांकि, बहुत से निवेशक इस बारे में नहीं जानते हैं. लेकिन कई निवेशक आर्थिक संकट के समय में या मार्केट की चुनौतियों से उबरने के लिए इस ऑप्शन का इस्तेमाल करते हैं और कुछ समय के लिए एसआईपी में निवेश को रोक देते हैं.
मार्केट डाउन होने पर मिलता है ज्यादा फायदा
आपको बता दें कि मार्केट के नीचे जाते ही एसआईपी को रोक देना बिलकुल समझदारी भरा निर्णय नहीं होता है. क्योंकि जब मार्केट डाउन होने के बाद फिर से ऊपर की ओर चढ़ता है तो उस दौरान निवेशकों को निवेश जारी रखने पर ज्यादा फायदा मिलता है. इससे गिरावट के समय वे ज्यादा यूनिट्स खरीद सकते हैं और मार्केट के फिर से चढ़ने पर उन्हें ज्यादा फायदा मिलता है. इससे निवेशकों को लंबी अवधि में अच्छा मुनाफा मिल सकता है.
ऐसे समय में रोक सकते हैं निवेश
अगर कभी आपके पास कुछ समय के लिए पैसों की कमी हो और आपको लग रहा हो कि आने वाले कुछ महीनों में आपकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने वाली है तो आप इसे कुछ महीनों के लिए रोक सकते हैं. नौकरी नहीं रहने पर भी आप इस ऑप्शन का इस्तेमाल कर सकते हैं. ऐसे में एसआईपी रोकने से आपको अपने फाइनेंस का पता चल सकेगा और आगे की प्लानिंग के लिए आपको पर्याप्त समय मिलेगा. कुछ समय बाद जब आपके पास पैसे आने लगें तो फिर स इसे शुरू कर सकते हैं. इसका आपके रिटर्न पर कोई असर नहीं पड़ता है. हालांकि, एसआईपी पर पूरी तरह से ब्रेक लगाना कहीं से भी उचित निर्णय नहीं होता है.
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FIRST PUBLISHED : June 15, 2023, 14:41 IST






