
शक्ति सिंह/कोटा. नयागांव इलाके के एक मकान में 3 फीट लंबा गोयरा घुस गया. मकान में बने टॉयलेट के कमोड में छिपा था. जब मकान में रहने वाले सदस्यों में से एक शख्स टॉयलेट गया तो उसने देखा कि कमोड में एक पूंछ वाला जानवर बैठा हुआ है. इसे देखकर वह घबरा गया और परिवार वालों को इसके बारे में जब बताया तो लोग दहशत में आ गए. तुरंत टॉयलेट का गेट बंद किया.
स्नैक केचर रॉकी डेनियल को सूचना दी. मौके पर पहुंचे रॉकी डेनियल ने अपने साथी सूरज राव के साथ मिलकर 10 मिनट की मशक्कत के बाद गोयरा का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया और सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ दिया. तकरीबन 45 मिनट तक परिवार के लोग दहशत में रहे. गोहरे को पकड़े जाने के बाद घर के सदस्यों ने राहत की सांस ली.
घर के सदस्य आ गए दहशत में
स्नैक कैचर रॉकी ने बताया कि घटना कि सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे तो वहां जाकर देखा गोयरे का मुंह कमोड में था. वो डर के मारे अंदर जाने की कोशिश में था. उसका शरीर व पूंछ बाहर थी. उसके अपने पंजों की पकड़ काफी मजबूत बनाई हुई थी. वो ताकत लगाकर कमोड में चिपका हुआ था. करीब 10 मिनट तक उसको पकड़कर निकालने की कोशिश की. फिर उसकी गर्दन व पूंछ पकड़कर बाहर निकाला. उस वक्त मकान में दो महिला व दो पुरुष मौजूद थे. सभी दहशत में थे.
मरे हुए जानवारों का मांस खाता है गोहरा
रॉकी ने बताया कि गोहरा करीब 3 से 4 किलो वजनी था. गोयरा मरे हुए जानवरों का मांस खाता है. गोयरा चंबल व फारेस्ट एरिया होने की वजह से गोयरा बड़ी संख्या में पाए जाते है. ये मुख्य रूप से मरे हुए जानवरों (बकरी,गाय बिल्ली) का सड़ा गला मांस खाते है. छोटे सांपों का भी शिकार करते है. शायद शिकार की तलाश में गोयरा आबादी क्षेत्र में आया. गोयरा के काटने पर बीमार पड़ सकते है. दूर से छेड़ने पर गोयरा पूंछ मारता है. पास जाने पर काट लेता है. सड़ा मांस खाने से गोहरा में बैक्टीरिया पाया जाता है. इसके काटने से व्यक्ति बीमार पड़ सकता है.
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FIRST PUBLISHED : June 15, 2023, 12:33 IST






