जोधपुर के मनोज बोहरा सीखा रहे निःशुल्क साफा बांधना, 15 सालों से दे रहें साफा बांधने की ट्रेनिंग

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पुनीत माथुर/जोधपुर. राजस्थान की आन, बान और शान राजस्थान की पगड़ी जो कि राजस्थान के बुजुर्गों का सिर का ताज है. इसी ताज को कायम रखने के लिए अब युवा भी साफा बांधने की प्रैक्टिस कर रहे हैं. यह कला हर किसी को नहीं आती, इसे सीखना पड़ता है. इसी को ध्यान में रखते हुए पुष्करणा सृजन सोसाइटी और पुष्करणा चिंतन के तत्वावधान में भूतनाथ महादेव मंदिर के पार्क में मुप्त साफा बांधने की पांच दिवसीय प्रशिक्षण की शुरुआत हुई.

पुष्करणा सृजन सोसायटी के अध्यक्ष आनंद राज व्यास ने बताया कि साफा हमारी संस्कृति और परम्परा का परिचायक है और इसकी विशेष महत्त्व है. प्रदेश में सभी आयु के लोगों को साफा बांधना सीखना चाहिए. साफा बांधना हमारी महान संस्कृति है और इसको भावी पीढ़ी को जोड़ने की जरूरत है.

सैकड़ो लोगों ने सिखा साफा बांधना

प्रशिक्षण शिविर निदेशक और मुख्य प्रशिक्षक मनोज बोहरा ने बताया कि इस पांच दिवसीय इस शिविर में बालक, बालिकाएं, युवा वर्ग, सीनियर्स और वरिष्ठ नागरिकों को साफा बांधना सिखाया है. पहले दिन नन्हे बालक बालिकाओं से लेकर सीनियर सिटीजन उम्र के करीब साठ से अधिक लोगों ने भाग लिया. शिविर में प्रशिक्षक मनोज बोहरा और उनकी टीम रमेश सिसोदिया, रामजी व्यास, हर्षित, राजकुमार वर्मा, अनिल पुरोहित, महेन्द्र पुरोहित द्वारा जोधपुरी पेच और गोल साफा बांधना सिखाया.

साफा प्रशिक्षक बोहरा पिछले पन्द्रह वर्षों से भूतनाथ महादेव मंदिर में साफा बांधने का प्रशिक्षण दे रहे है. इन शिविरों मे अब तक सैकड़ो लोग साफा बांधना सीख चुके है.

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Author: Up Head Line

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