
जुगल कलाल/डूंगरपुर. अगर आप भी डूंगरपुर घूमने का मन बना रहे हैं तो आपको आज हम डूंगरपुर की ऐसी जगह के बारे बताने वाले जहां पर जाकर देश-विदेशों के पक्षी देख सकते हैं. आप भी उनकी आदतें और विशेषता देख कर हैरान हो जाएंगे. डूंगरपुर के नाना भाई पार्क के चिड़याघर में 20 अलग-अलग प्रजाति के पक्षी और जानव हैं. यहां कई विदेशी पक्षी भी हैं.
ये खास जानवर आप को देखने को मिलेंगे
ग्रीन टर्की: यह मुर्गे की ही एक प्रजाति है. यह टर्की एक बुद्धिमान पक्षी है और इनकी मेमोरी भी अच्छी होती है. यह जिस इलाके में रहते है, उसकी पहचान रखते है. टर्की को सामाजिक प्राणी भी कह सकते है. टर्की पक्षी 40 किलोमीटर प्रति घण्टा की रफ्तार से जमीन पर दौड़ लेता है. 88 किलोमीटर प्रति घण्टा की रफ्तार से उड़ भी सकता है, लेकिन इनकी उड़ान ज्यादा लम्बी नहीं होती है. टर्की ज्यादा से ज्यादा केवल 500 मीटर तक ही उड़ सकता है.
गिनी पिग: गिनी पिग सुअर की एक प्रजाति है. ज्यादातर ये प्रजाति दक्षिणी अमेरिका में पाई जाते है. गिनी पिग होता तो है सुअर प्रजाति का है. लेकिन, दिखने पर चूहे के आकार का होता है. इसका प्रयोग कई बड़े लैब, दवा कंपनियां और विश्वविद्यालय रिसर्च के लिए किया जाता है.
माउंट टार्टोइस: माउंट टार्टोइस कछुए की एक प्रजाति है. इसकी खासियत है कि एक मिनट में इसका दिल 30 बार धड़कता है. जिसकी वजह से ये 150 से 200 सालों तक जिंदा रहता है. अन्य प्रजातियों के कछुओं से ये काफ़ी धीरे चलता है और इसे सुस्त प्राणी भी कहा जाता है.
इमू: इमू पक्षी ऑस्ट्रेलिया की एक प्रजाति है. इमू शुतरमुर्ग के बाद सबसे बड़ा दूसरा पक्षी है. यह पक्षी 50 प्रति घंटा की रफ्तार से भाग सकता है. मादा इमू से नर से आकर में बड़ी होती है और इसका वजन 55 से 70 किलो की बीच होता है.
अगर आप भी डूंगरपुर के इस चिड़िया घर का लुफ्त उठाना चाहते हैं तो आप भी डूंगरपुर के पुराने बस स्टैंड के पास नाना भाई पार्क में आकर 10 रुपए की टिकट खरीद कर इस चिड़ियाघर का लुफ्त उठा सकते हैं. यह सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक खुला रहता है.
.
Tags: Dungarpur news, Local18, Rajasthan news, Tourist Places
FIRST PUBLISHED : June 15, 2023, 11:26 IST






