पर्दे पर बने जया बच्चन के प्रेमी, पिता और ससुर, रियल लाइफ में भाई बन बचाई शादी, शत्रुघ्न सिन्हा का भी बचाया घर

नई दिल्ली. संजीव कुमार की मां उन्हें डॉक्टर या वकील बनाना चाहती थीं लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था. संजीव कुमार को बचपन से ही अभिनय का बेहद शौक था और उनकी ख्वाहिश पूरी करने के लिए उनकी मां ने अपने जेवर भी गिरवी रखे. बॉलीवुड में आने से पहले संजीव कुमार इप्टा के नाटकों में काम करने लगे थे. सिर्फ 19 साल की उम्र में उन्होंने एके हंगल के चर्चित नाटक ‘डमरू’ में 60 साल के बूढ़े को रोल निभा सबको हैरान कर दिया. रोबउनका प्रयोगधर्मी स्वभाव और लीक से हटकर रोल करने का आदत बॉलीवुड में बनी रही. उन्हें किसी भी एक्ट्रेस का प्रेमी, पिता और ससुर बनने में कभी कोई दिक्कत नहीं आई. सारे किरदार उन्होंने संजीदगी से निभाएं. उनका खास रिश्ता टॉप एक्ट्रेस जया बच्चन से रहा.

चॉकलेटी हीरो के इमेज से हमेशा किया परहेज
अपने 25 साल के करियर में संजीव कुमार ने खुद को कभी एक ही तरह के रोल में रिपीट नहीं किया. साल 1970 में फिल्म ‘खिलौना’ में उन्होंने मानसिक बीमारी से जूझ रहे अपने किरदार से शोहरत पाई. इसके दो साल बाद फिल्म ‘कोशिश’ में उन्होंने बिना कुछ कहे ही अपनी आंखों से जादू भरा अभिनय कर टैलेंट को लोहा मनवाया. संजीव कुमार एक ही समय में ‘अनामिका’ में जया बच्चन के प्रेमी की भूमिका निभा रहे थे और दूसरी फिल्म में ‘परिचय’ में वे उनके पिता की भूमिका निभा रहे थे. साल 1975 में आई फिल्म ‘शोले’ में उन्होंने जया बच्चन के ससुर की भूमिका अदा की.

खुद को नहीं मिला प्यार लेकिन दोस्तों की शादी बचाई
संजीव कुमार को यारों का यार कहा जाता था. उनका नाम नूतन, शबाना आजमी, हेमामालिनी, सुलक्षणा पंडित जैसी दिग्गज एक्ट्रेस से जुड़ा. वह हेमामालिनी से शादी भी करना चाहते थे लेकिन बात नहीं बन पाई. वह ताउम्र कुंवारे रहे. शत्रुघ्न सिन्हा और जया बच्चन उनके पक्के दोस्त थे. संजीव कुमार भले ही अपना घर नहीं बसा पाए लेकिन दूसरे सितारों के उजड़ते घरों को बचाया. शत्रुघ्न सिन्हा का जब अपनी पत्नी पूनम सिन्हा से तनाव काफी बढ़ गया था तब उसे संजीव कुमार ने सुलझाया था. इसका जिक्र अक्सर शत्रुघ्न सिन्हा भी करते रहे हैं.

हनीफ जावेरी और सुमंत बत्रा की किताब ‘एन एक्टरर्स एक्टर’ के अनुसार एक समय जया बच्चन और अमिताभ बच्चन के रिश्तों में बेहद कड़वाहट आ गई थी. दोनों के रिश्ते सुधारने में संजीव कुमार ने बेहद अहम भूमिका निभाई. जया बच्चन उन्हें अपना भाई मानती थीं.

Tags: Amitabh bachchan, Entertainment news., Entertainment Special, Jaya bachchan, Sanjeev Kumar, Shatrughan Sinha

Source link

Jagran Times
Author: Jagran Times

Leave a Comment

Read More

उत्तर प्रदेश के बांदा निवासी 9 वर्षीय पुत्र ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया 2 मिनट में 200 देश के झंडे पहचान कर बताने वाला पार्थ झा नमक बच्चों ने इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया है माता-पिता वर्तमान में मुंबई में रहते हैं डॉक्टर जे विक्रम चाइल्ड स्पेशलिस्ट चाइल्ड केयर नर्सिंग होम के मालिक मामा है मामा जी ने एक प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि उनका भांजा पार्थ झा ने 2 मिनट में 200 देश के फ्लैग पहचान कर बताने में महारत हासिल की है महाराष्ट्र राज्य में स्थित संस्था ने गोल्ड मेडल और एक प्रमाण पत्र दिया है इस वक्त उसका नाम इंटरनेशनल बुक ऑफ़ रिकार्ड्स मैं दर्ज किया गया है भांजा और बहन पार्थझा मां जयश्री पिता अशोक झा बांदा के रहने वाले हैं हालांकि इसमें कोई शक नहीं है इतनी कम उम्र में 200 देश के झंडों का पहचान करना यह एक चमत्कार ही है दिमाग इस बच्चे का कंप्यूटर की तरह कार्य कर रहा है बांदा का लाल मुंबई में रहकर नाम पैदा कर रहा है सिर्फ बांदा भर का नहीं पूरे विश्व में भारत का नाम ऊंचा किया